लखनऊ – प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में अब मनोरोग की दवा लेने के लिए मनोचिकित्सक को नही तलाशना होगा। अब फिजिशियन डाक्टर को भी मनोरोग की दवाएं भी मरीज को लिखने का अधिकार प्राप्त होगा। मेंटल हेल्थ सार्टिफिकेट कोर्स के तहत पहले बैच में प्रदेश के 30 डॉक्टरों का बैच मेंटल हेल्थ का तीन-तीन महीने का कोर्स कर रहे हैं। इसमें सिविल, बीआरडी महानगर के सात डॉक्टर भी शामिल हंै। इसमें डॉक्टरों को इस सार्टिफिकेट कोर्स में ऑन लाइन परीक्षा देनी पड़ती है।
ज्यादातर सरकारी अस्पतालों में मनोरोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने से मरीज का इलाज प्रभावित होता था। मनो रोगियों को उपचार के लिए मेडिकल कालेज या अन्य बड़े संस्थान पर जाना पड़ता था। इसके मद्देनजर नेशनल हेल्थ मिशन ने प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत सभी डॉक्टरों को तीन-तीन माह का मेंटल हेल्थ कोर्स कराने का निदेश दिया। एनएचएम डीजी ने स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पद्यमाकर सिंह को पत्र भेजकर सामान्य डॉॅक्टरों को मेंटल हेल्थ प्रोग्राम के तहत तीन-तीन माह का सार्टिफिकेट कोर्स कराने का पत्र भेजा गया था।
इस सर्टिफिकेट कोर्स के तहत राजधानी के सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशुतोष दुबे, डॉ.दीपक, डॉ. एनबी सिंह समेत चार डाक्टर कोर्स में शामिल हैं। जब कि भाऊराव देवरस अस्पताल महानगर के डॉ. मनीष, डॉ. प्रवीण, डॉ. सागर भी कोर्स कर रहे हैं, जिसमें उत्तीर्ण होने बाद डॉक्टर मरीजों को मनोरोग की दवा लिख सकेंगे।
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पद्यमाकर सिंह के बताते है कि वर्तमान में चल रहे बैच में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के 30 डॉक्टर सार्टिफिकेट कोर्स कर रहे हैं। परीक्षा पास करने बाद नए डॉक्टरों को बैच में शामिल किया जाएगा। प्रदेश के हर सरकारी अस्पताल के डॉक्टर को मेंटल हेल्थ प्रोग्राम के तहत यह कोर्स अनिवार्य किया गया है।
अब PayTM के जरिए भी द एम्पल न्यूज़ की मदद कर सकते हैं. मोबाइल नंबर 9140014727 पर पेटीएम करें.
द एम्पल न्यूज़ डॉट कॉम को छोटी-सी सहयोग राशि देकर इसके संचालन में मदद करें: Rs 200 > Rs 500 > Rs 1000 > Rs 2000 > Rs 5000 > Rs 10000.