बड़ों को नहीं छोटे अस्पतालों को तवज्जो

0
689

लखनऊ. आयुष्मान भारत योजना शुरू हुए आज 2 दिन हो चुके हैं. इस योजना के तहत 2 दिन में कितने लोगों ने इलाज कराया और भर्ती हुए इसकी जानकारी स्वास्थ विभाग के पास नहीं है. उधर किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय भी लोग आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराने पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि अभी केजीएमयू इस योजना में शामिल नहीं हुआ है. लोगों का मानना है कि जब एक ही छत के नीचे सभी बीमारियों का इलाज एक साथ मौजूद है तो पहले इसको क्यों नहीं योजना में शामिल किया गया. दूसरी तरफ निजी क्षेत्र के हॉस्पिटल को इस योजना में शामिल करने की तवज्जो ज्यादा दे दी गई है. स्वास्थ विभाग के अधिकारी भी आनन-फानन में उनका निरीक्षण करके उन्हें हरी झंडी देते हुए इस योजना में शामिल कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत के तहत कई जटिल बीमारियों के निशुल्क इलाज कराने की सुविधा मौजूद है. इसके लाभार्थियों को सिर्फ जाकर के वहां पर अपने पंजीकरण के आधार पर इलाज कराना शुरू कर देना है. योजना के तहत मरीज के इलाज में प्रयोग होने वाले बजट का भुगतान कर दिया जाएगा. अगर स्वास्थ्य विभाग की माने तो अभी तक सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलाकर के 69 हॉस्पिटल आयुष्मान योजना के तहत शामिल हुए हैं. मजे की बात यह है कि जो मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय को अभी तक इस योजना में जोड़ा नहीं गया है इसको जोड़ने की अभी प्रक्रिया चल रही है.

Advertisement

विशेषज्ञों का कहना है जब एक छत के नीचे सभी बीमारियों का इलाज मिल रहा है तो सबसे पहले इसको आयुष्मान योजना के तहत जोड़ा जाना चाहिए था. स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि अभी योजना के तहत जुड़ने वाले हॉस्पिटल का निरीक्षण करके तत्काल जोड़ दिया जा रहा है .

अब PayTM के जरिए भी द एम्पल न्यूज़ की मदद कर सकते हैं. मोबाइल नंबर 9140014727 पर पेटीएम करें.
द एम्पल न्यूज़ डॉट कॉम को छोटी-सी सहयोग राशि देकर इसके संचालन में मदद करें: Rs 200 > Rs 500 > Rs 1000 > Rs 2000 > Rs 5000 > Rs 10000.

Previous articleबुखार प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर की जा रही रोगियों की खोज
Next articleकेजीएमयू के डा. कुरील बने सर्जरी कर आहारनली को प्राकृतिक तरीके जोड़ने वाले देश के पहले सर्जन

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here