लखनऊ. आयुष्मान भारत योजना शुरू हुए आज 2 दिन हो चुके हैं. इस योजना के तहत 2 दिन में कितने लोगों ने इलाज कराया और भर्ती हुए इसकी जानकारी स्वास्थ विभाग के पास नहीं है. उधर किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय भी लोग आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराने पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि अभी केजीएमयू इस योजना में शामिल नहीं हुआ है. लोगों का मानना है कि जब एक ही छत के नीचे सभी बीमारियों का इलाज एक साथ मौजूद है तो पहले इसको क्यों नहीं योजना में शामिल किया गया. दूसरी तरफ निजी क्षेत्र के हॉस्पिटल को इस योजना में शामिल करने की तवज्जो ज्यादा दे दी गई है. स्वास्थ विभाग के अधिकारी भी आनन-फानन में उनका निरीक्षण करके उन्हें हरी झंडी देते हुए इस योजना में शामिल कर रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत के तहत कई जटिल बीमारियों के निशुल्क इलाज कराने की सुविधा मौजूद है. इसके लाभार्थियों को सिर्फ जाकर के वहां पर अपने पंजीकरण के आधार पर इलाज कराना शुरू कर देना है. योजना के तहत मरीज के इलाज में प्रयोग होने वाले बजट का भुगतान कर दिया जाएगा. अगर स्वास्थ्य विभाग की माने तो अभी तक सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलाकर के 69 हॉस्पिटल आयुष्मान योजना के तहत शामिल हुए हैं. मजे की बात यह है कि जो मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय को अभी तक इस योजना में जोड़ा नहीं गया है इसको जोड़ने की अभी प्रक्रिया चल रही है.
विशेषज्ञों का कहना है जब एक छत के नीचे सभी बीमारियों का इलाज मिल रहा है तो सबसे पहले इसको आयुष्मान योजना के तहत जोड़ा जाना चाहिए था. स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि अभी योजना के तहत जुड़ने वाले हॉस्पिटल का निरीक्षण करके तत्काल जोड़ दिया जा रहा है .
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