लखनऊ. नगराम में रहस्यमय बुखार से बच्चों सहित पांच लोगों के मारे जाने के बाद किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की जांच रिपोर्ट संदेह के दायरे में आ गई है. जांच रिपोर्ट में जापानी इंसेफेलाइटिस की एंटीबॉडी मिलने की बात कही जा रही है , जिसे स्वास्थ्य विभाग ने एक सिरे से नकार दिया है. चर्चा है कि केजीएमयू के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के किसी वरिष्ठ डॉक्टर ने ना आकर PHD कर रहे स्कॉलर को नमूने एकत्र करने के लिए भेज दिया. जिसके कारण नमूने एकत्र करने में गलती तो हुई साथ ही उनकी जांच करने में भी लापरवाही बरती गई. विभाग के वरिष्ठ डॉक्टरों ने रहस्यमय बुखार की जांच को गंभीरता से नहीं लिया और आनन फानन में जांच करके रिपोर्ट स्वास्थ विभाग को भेज दिया. जबकि अगर देखा जाए तो नगराम के मुर्तजापुर में अभी भी रहस्यमय बुखार के कारण मौतों से लोगों में खौफ बना हुआ है.
इस कारण वहां पर अभी भी अस्थाई अस्पताल बनाकर लोगों का इलाज किया जा रहा है. हालांकि डब्ल्यूएचओ के डॉक्टर ने भी वह समय बुखार की जानकारी मिलने पर वहां पर जाकर ब्लड के नमूने एकत्र किए हैं और जल्दी ही अपनी रिपोर्ट देने के लिए स्वास्थ्य विभाग को आश्वस्त किया है. इसके अलावा पोस्टमार्टम के दौरान बीमारी से मरे लोगों का विसरा सुरक्षित रख लिया गया है. अब इसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग ही नहीं अन्य विशेषज्ञ डॉक्टर भी माइक्रोबायोलॉजी की दी गई जांच रिपोर्ट को देख कर हैरान है. इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने केजीएमयू को पत्रक लिखकर जांच रिपोर्ट पर भी संदेह प्रकट कर दिया है.
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