लखनऊ। विश्व हैंड हाइजीन दिवस के अवसर पर किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के माइक्रोबायोलॉजी विभाग, हॉस्पिटल इंफेक्शियस कंट्रोल कमेटी के संयुक्त तत्वाधान में हैंड हाइजीन जागरूकता रैली एवं व्याख्यान का आयोजन किया गया। हैंड हाइजीन जागरूकता रैली सुबह नौ बजे प्रशासनिक भवन से शुरू होकर गांधी वार्ड एवं नई ओपीडी भवन होते हुए कलाम सेंटर तक गई। माइक्रोबायोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. अमिता जैन ने कहा कि यदि अस्पताल के अंदर डाक्टरों, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टॉफ द्वारा और मरीजो के तीमारदारों द्वारा हाथ की स्वच्छता का ध्यान रखा जाए,तो मरीजो को होने वाले विभिन्न संक्रमण से बचाया जा सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइड लाइन के अनुसार वार्ड एवं अस्पतालों में मरीजो के ऊपर कोई प्रोसीजर या उसके सराउंडिंग कोई भी प्रोसीजर करने से पहले हाथ को धोना चाहिए। किसी भी मरीज को छुने के लिए हाथो को धोना या एल्कोहल बेस्ड एंटीसेप्टीक से हैण्ड रब करना अति आवश्यक है। हाथ को धोने में सात चरण होते है, उनको सही तरह से करना चाहिए तभी वो इफेक्टिव होते है। हमारे हाथों के स्कीन के ऊपर जो माइक्रोब्स होते है। यह किसी दूसरे व्यक्ति को बिना हाथ धोंए या हैण्ड रब किए बिना छुने पर उसको ट्रांसफर हो जाते है। ऐसे मे हेल्थ केयर वर्कर के लिए यह और भी ज्यादा जरूरी है कि वो अपने हैण्ड हाइजीन का ज्यादा से ज्यादा ध्यान दे।
यदि कोई हेल्थ केयर वर्कर इसका ध्यान नही रखता है, तो उसे कई प्रकार के संक्रमण होने का खतरा ज्यादा रहता है। इस प्रकार के इंफेक्शन एवं हॉस्पिटल एक्वायर इंफेक्शन को पूर्णत: रोका, तो नही जा सकता लेकिन हैण्ड हाइजिन से इसका दर काफी कम किया जा सकता है। इस अवसर पर मेडिसिन विभाग के डा.डी हिमांशु ने बताया कि अस्पतालो में हम जब एल्कोहल बेस्ड एंटीसेप्टिक से हैण्ड रब करते है । इसके साथ ही शुरूआत में भी हैण्ड वॉश करने के बाद ही हैण्ड रब करना चाहिए।
कार्यक्रम में केजीएमयू के कुलपति प्रो.एमएलबी.भट्ट ने कहा कि हैण्ड हाइजीन बहुत ही महत्वपूर्ण है, इससे हम विभिन्न तरह के संक्रमणों से बच सकते है। अस्पतालों में सभी डाक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टॉफ को इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन के निर्देशानुसार हैण्ड हाइजीन का अुनपालन करना चाहिए। हैण्ड हाइजीन एवं हाइजीन से हम विभिन्न प्रकार के बीमारियों से बच सकते है और समाज को स्वस्थ बना सकते है। हैण्ड हाइजीन का अनुपालन हमे केवल अस्पतालो में ही नही बल्कि अपने जीवन में अपने घर और अपने समाज में भी करना चाहिए। भारतीय समाज मेंप्राचीन कॉल से हैण्ड हाइजीन एंव हाइजीन का विशेष खयाल रखा जाता है।
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