डा.राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में ठेका कर्मियों का शोषण जारी है। ठेके पर तैनात कर्मचारियों को समान वेतन नहीं दिया जा रहा है। आउटसोर्सिंग कम्पनी बी.आर.इलेक्ट्रीक्लस ठेका कर्मियों को निर्धारित वेतन १०५०० के बजाय किसी को ६ हजार तो किसी को ७ हजार रुपये देकर टरका रही है। इतना ही नहीं बीते महीने का वेतन भी अभी तक कुछ कर्मचारियों को नहीं मिला है। जब इसकी शिकायत ठेकाकर्मियों ने लोहिया प्रशासन से करनी चाही,तो वहां से भी टका हुआ जवाब मिला। वहीं शिकायत करने वाले ठेकाकर्मियों को बी.आर.इलेक्ट्रिक्लस अब बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी कर रहा है।
इस पूरे मामले में लोहिया संस्थान के कुछ अधिकारियों की मिली भगत साफ दिखाई देती है। लोहिया संस्थान में बिजली तथा जनरेटर का काम देखने के लिए बी.आर.इलेक्ट्रीक्लस को ठेका दिया गया था। ठेका मिलने के बाद कंपनी ने ११ कर्मचारियों को नौकरी पर रखा था। तब से लेकर आज तक कुछ कर्मियों को ६ व ७ हजार रुपये प्रतिमाह दिया जा रहा था। जबकि नियम के अनुसार संस्थान के सभी ठेकाकर्मियों को न्युनतम वेतन १०५०० रुपये मिल रहा है। जब इस बात की
शिकायत पीडि़त ठेकाकर्मियों ने अपने अधिकारियों से की तो वहां से भी भगा दिया गया। इतना ही नहीं कर्मचारियों के पीएफ में भी कंपनी खेल कर रही है।
अधिकारियों की मिली भगत से हो रहा काम लोहिया संस्थान के अधिकारी ठेकाकर्मियों को बात न सुनकर कंपनी की तरफदारी करते हैं। सूत्रों की माने तो एक अधिकारी को कंपनी सीधे तौर पर फायदा पहुंचाती है। जिससे वह कंपनी की तरफदारी करते हैं। वहीं कंपनी संचालक की माने तो वह नियम के अनुसार ही काम कर रहे हैं। वह टेंडर के नियमों से
बंधे हैं।
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