लखनऊ । प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के लक्ष्य से पांच वर्ष पूर्व देश से टीबी के उन्मूलन के प्रधानमंत्री जी के संकल्प को पूरा करने के लिए इलाज के लिए जन-जागरूकता और जन सहभागिता से ही सम्भव है। देश का सबसे बड़ा राज्य होने के कारण इस संकल्प में प्रदेश की जिम्मेदारी सबसे ज्यादा है।
टीबी के उन्मूलन के लिए समाज के अंतिम पायदान के व्यक्ति तक योजनाओं को मिशन मोड में काम करके पहुंचाए जाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में रिमोट के माध्यम से 65 सीबीनेट मशीनों तथा 56 डीआरटीबी केन्द्रों तथा अत्याधुनिक जांच के लिए दो मोबाइल वैन का उद्घाटन किया गया। मुख्यमंत्री ने फील्ड स्टाफ को टैबलेट वितरण तथा पुस्तिका टीबी रोड प्लान का विमोचन किया गया। इस दौरान टीबी हारेगा-यूपी जीतेगा फिल्म का प्रस्तुतिकरण भी हुआ।
मुख्यमंत्री शनिवार को गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित यहां विश्व क्षय रोग दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में यूपी टीबी, टीबी हारेगा-यूपी जीते में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पल्स पोलियो अभियान के माध्यम से देश ने पोलियो उन्मूलन में सफलता प्राप्त की है। सबकी भागीदारी सुनिश्चित कर वैसी ही सफलता टीबी उन्मूलन में भी प्राप्त की जा सकती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि टीबी रोगियों के उपचार के लिए संचालित डॉट्स योजना बहुत अच्छी है। उन्होंने कहा कि न्यूट्रीशन की कमी से जूझने वाला तबका इस रोग से सर्वाधिक प्रभावित होता है। इसलिए केन्द्र सरकार द्वारा टीबी रोगियों के न्यूट्रीशन के लिए 500 रुपए प्रतिमाह की व्यवस्था सराहनीय है। उन्होंने इलाज से सम्बन्धित सभी लोगों का आह्वान किया कि वे इस रोग के उपचार के लिए शासन द्वारा संचालित योजनाओं, कार्यक्रमों तथा निःशुल्क दवा, न्यूट्रीशन के लिए धनराशि की व्यवस्था आदि को जन सामान्य तक पहुंचाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दो अप्रैल से 16 अप्रैल, 2018 तक जेई तथा एईएस के उपचार के सम्बन्ध में जन जागरूकता अभियान संचालित करने जा रही है। स्वास्थ्य विभाग इस कार्यक्रम का नोडल विभाग है। ग्राम्य विकास, पंचायती राज, बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, नगर विकास आदि विभाग इस अभियान की सफलता के लिए मिलकर काम करेंगे।
इस मौके पर योगी जी ने गोरखपुर में वायरोलॉजी सेण्टर की स्थापना तथा इस वर्ष प्रदेश में आठ नये मेडिकल कॉलेज देने के लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में देश से टीबी रोग के उन्मूलन के लिए विशिष्ट और प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। देश भर में 1100 से अधिक सीबीनेट मशीनों की स्थापना करायी गयी है। स्थानीय जरूरतों के दृष्टिगत नेशनल स्टैय्टजिक प्लान बनाया गया है। निजी चिकित्सकों से इलाज करा रहे टीबी मरीजों को चिन्हित करने के लिए निश्चय पोर्टल लॉन्च किया गया है।
इस मौके पर उन्होंने जेई व एईएस से बचाव एवं उपचार के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए गोरखपुर में वायरोलॉजी सेण्टर की स्थापना की घोषणा की।
इस अवसर पर अपने सम्बोधन में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने कहा कि केन्द्र सरकार ने टीबी उन्मूलन के लिए अनेक कदम उठाए हैं। इसमें नेशनल स्टैय्टजिक प्लान का गठन, निःशुल्क दवा और जांच तथा टीबी रोगियों के न्यूट्रीशन के लिए 500 रुपए प्रतिमाह सीधे उनके बैंक खाते में भेजे जाने करने की व्यवस्था की गई है।
कार्यक्रम में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2030 तक टीबी से मुक्ति का निर्णय लिया है। राज्य सरकार टीबी मरीजों को समुचित इलाज उपलब्ध कराने के लिए हर सम्भव कदम उठा रही है। प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु राज्य सरकार टेली कंसल्टेशन एवं टेली मेडिसिन की योजना पर भी काम कर रही है। कार्यक्रम को प्रदेश की परिवार कल्याण मंत्री श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी ने भी सम्बोधित किया।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह, अन्य जनप्रतिनिधिगण, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रशान्त त्रिवेदी सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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