लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के डाक्टरों ने आठ वर्षीय एक बच्चे का कटा हाथ जोड़ दिया है। खासबात यह है कि रात में बच्चा आैर उसकी समय सर्जरी की गयी, जिसमें करीब आठ घण्टे लगे। हाथ में मूवमेन्ट आने पर डाक्टरों ने अपनी इस उपलब्धि को जाहिर किया। आठ वर्षीय बच्चे का दाहिना हाथ चारा मशीन से कट गया था। खून से लथपथ बच्चे को परिजन केजीएमयू लेकर आए। जांच के बाद सुबह तक माइक्रो सर्जरी से एक-एक नस व हड्डी जोड़कर बच्चे को अपंगता से बचा लिया गया। रायबरेली निवासी आयुष 13 जनवरी को घर में लगी चारा मशीन के पास खेल रहा था। इसी बीच उसका हाथ मशीन में चला गया।
उधर चक्का भी चला दिया। ऐसे में आयुष का दाहिना हाथ कलाई के पास से कट गया, इससे घबराए परिजन खून से लथपथ आयुष व कटे हाथ को लेकर परिजन रात दो बजे ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। वहीं डाक्टरों ने प्लास्टिक सर्जरी विभाग की टीम को अलर्ट कर दिया। आयुष को प्लास्टिक सर्जरी विभाग की ओटी में शिफ्ट किया गया। इसके बाद रात में ही सर्जरी शुरू की गयी। यह ऑपरेशन सुबह तक चला। इस दौरान करीब आठ घंटे बीत गए लेकिन बच्चे का कटा हाथ डाक्टरों ने जोड़ दिया। यह जानकारी देते हुए केजीएमयू के चिकित्सा अधीक्षक व प्लास्टिक सर्जन प्रो. विजय कुमार के अनुसार बच्चे के शरीर से जुड़े हाथ व कटे हाथ को पहले साफ किया गया। इसके बाद मृत व खिंचाव वाली कोशिकाओं को हटाया गया आैर स्टील के तारों से कलाई का जोड़ (रिस्ट ज्वाइंट) बनाया गया।
फिर हाथ की रेडियस अल्ना व पंजे की कॉर्पल बोन को कलाई के जोड़ से फिक्स किया। इसके बाद हाथ की डॉरसल वेन व हथेली की वेसिलिक व सेफालिक वेन को जोड़कर अशुद्ध रक्त का परिसंचरण बहाल किया गया। इसके बाद हाथ की रेडियल ऑर्टरी, अल्ना आर्टरी को पंजे की मीडिएन नर्व से जोड़कर शुद्ध रक्त दौड़ाया गया। सर्जरी टीम में डा. रवि, डा. समीर, डा.अनिरुद्ध, डा.राजेश, डा.पावनी व डा.अभिषेक भी शामिल थे। प्रो. विजय कुमार ने बताया कि बच्चे के जोड़े गए हाथ में रक्त प्रवाह सही से होने लगा है। वहीं फिजियोथेरेपी भी की जाने लगी, इससे उसके हाथ में मूवमेंट जल्दी हुआ। अंग कटने की दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं।
इसमें कुल मामलों में 60 फीसद दुर्घटना, 30 फीसद कृषि कार्यो में, 10 फीसद औद्योगिक, कारखानों व अन्य से हादसे होते हैं। ऐसे घायलों व कटे अंगों को समयगत अस्पताल पहुंचाकर रीइंप्लांट कर उन्हें विकलांगता के दंश से बचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि हाथ-पैर कटने पर जल्दी अस्पताल पहुंचना चाहिए। कारण, कटे हुए अंग में खून का दौरान बंद हो जाता है। धीरे-धीरे कटे अंग में कोशिकाएं मृत (मायोनेक्रोसिस) होने लगती हैं। ऐसे में कटा हुआ अंग खराब होता है, जिससे जोड़ने लायक नहीं रहता है।












