लखनऊ । कड़ाके की ठंड में किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रामा सेंटर में दूरदराज से आने वाले मरीजों के तीमारदारों को कम्बल व रजाई किराये पर मिल रहे है। तीमारदार इसे किराये पर ले रहे है। यहां तक वार्डो में केजीएमयू के वार्डो के लाल क म्बल से ठंड दूर न होने पर मरीजों को भी तीमारदार किराये पर ही कम्बल रजाई लाकर दे रहे है।
ट्रामा सेंटर में सेंट्रल आक्सीजन सिस्टम होने के कारण ब्लोअर भी चल रहे है, लेकिन वह इतने असरकारक नहीं है। खास कर चौथे व पंाचवे तल पर क्रिटकल केयर व बाल रोग विभाग होने के कारण ब्लोअर नहीं लगे है। ठंड के कारण ब्लोअर भी ज्यादाअसर कारक नही हो पा रहे है। लगातार ब्लोअर चलने के कारण अक्सर दिक्कत आ ही जाती है। वार्डो में मरीजों की आवश्यकता के अनुसार ही हीटर लगाने कर अनुमति है।
बच्चों के विभाग में तीमारदार को बाहर रहता है लेकिन बच्चों के लिए छोटे कम्बल की व्यवस्था करनी पड़ जाती है। इसी प्रकार ज्यादातर विभागों में मरीजो को ग्लूकोज चढ़ने के कारण कंपकपाहट होने लगती है। ऐसे में केजीएमयू में मिलने वाले लाल कम्बल से ठंड दूर नही होती है आैर तीमारदार को मरीज के लिए बाहर से अपना कम्बल कह कर किराये पर लाना पड़ता है। सबसे ज्यादा स्ट्रेचर पर भर्ती गंभीर मरीज के इलाज में होती है। उसे सिर्फ इलाज मिलता है आैर विभाग के लॉबी में ठंड में रहने के कारण तीमारदारों को रजाई से लेकर कम्बल तक की व्यवस्था करनी पड़ती है। सेंटर में हर फ्लोर पर मरीजों के तीमारदार बाहर बैठे कम्बल व रजाई में दुबके अपने मरीज के ठीक होने की दुआ करते रहते है। यहां पर तीमारदारों ने अपना नाम न बताते बताया कि बाहर कम्बल अगर खरीदना चाहो चार सौ रुपये से बिक्री शुरु होती है।
अगर किराये पर लेना चाहो तो तीस रुपये से लेकर पचास रुपये तक कम्बल किराये पर मौजूद है। ज्यादातर तीमारदार गैर जनपदों से आने वाले ही परेशान होते है। बताते चले कि गांधी वार्ड में स्वयंसेवी संस्था किराये पर कम्बल दे रही है जिसे वापस करने पर जमाराशि भी वापस हो जाती है। इस सुविधा आैर संस्था का ट्रामा सेंटर को भी इंतजार है।











