डायलिसिस हो रही सर्जरी में लापरवाही का शिकार महिला की

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लखनऊ । इन्दिरा नगर स्थित नगरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में तैनात महिला डाक्टर की सिजेरियन डिलीवरी में लापरवाही से जच्चा (महिला) की हालत आैर ज्यादा बिगड़ती जा रही है। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के वेंटिलेटर पर भर्ती जच्चा ( महिला) की बीती रात हालत ज्यादा बिगड़ने पर डायलिसिस की गयी। अब तक दो बार डायलिसिस हो चुकी है। परिजनों का आरोप है कि अब तक सत्तर- अस्सी हजार रुपये खर्च हो चुके है। उधर सीएमओ डा. जीएस बाजपेयी का कहना है कि इस मामले में जांच करायी जाएगी।

बताते चले कि इंदिरा नगर के नगरीय स्वास्थ्य केद्र में डाक्टर की लापरवाही से आपरेशन करने परजच्चा के अधिक ब्लीडिंग होने पर तत्काल उसे केन्द्र से खटारा एम्बुलेंस से रेफर कर दिया था। हालत नाजुक होने के का क्वीन मेरी अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया। परिजनों ने उसे ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया। जहां जच्चा को वेंटिलेटर यूनिट में शिफ्ट किया गया है। हालत गंभीर होने पर अभी तक आठ यूनिट ब्लड भी चढ़ाया जा चुका है। केन्द्र की चिकित्सा अधीक्षक डा. रुबीना का कहना है कि इस तरह के मामले एक हजार मरीजों में एक कही होता है। सर्जरी करने में कोई लापरवाही बरती गयी।

अलीगंज निवासी अनवर खान की पत्नी सहनूर खान (22) को पांच दिसम्बर को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने इन्दिरा नगर स्थित स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया। वहां मौजूद डाक्टरों ने जांच रिपोर्ट देखने व प्रसूता की हालत को देखने के बाद तत्काल सिजेरियन कराने का निर्णय लिया। पति अनवर का अारोप है कि तो पांच दिसम्बर को सुबह नौ बजे पत्नी को भर्ती कराया। डाक्टरों ने इतनी तेजी से इलाज करना शुरू किया कि लगभग 15 मिनट बाद ही वहां की मौजूद डाक्टर ने सिजेरियन भी कर दिया। आरोप है कि सिजेरियन करने के बाद शिशु तो ठीक रहा, लेकिन लगभग एक घंटे बाद प्रसूता के टांकों से ब्लडिग शुरू हो गयी ,उसकी हालत बिगडने लगी।

परिजनों का आरोप है कि जब हालत तेजी से बिगड़ने लगी तो किसी रेफर कर दिया। उसे क्वीन मेरी में भर्ती नहीं किया आैर अब केजीएमयू के ट्रामा सेंटर में वेंटिलेटर पर जिंदगी की लड़ाई लड रही है। पति अनवर ने बताया कि क्वीन मेरी अस्पताल में मरीज की हालत गंभीर होने के कारण,उसे ट्रामा सेंटर लेकर गये। वहां पर डाक्टरों ने हालत गंभीर देख वेंटिलेटर यूनिट में प्रसूता को भर्ती किया गया। परिजनों का आरोप है कि आठ यूनिट ब्लड चढने के बाद भी हालत में सुधार नहीं हो रहा है,जबकि ऑपरेशन के समय सहनूर खान की हीमोग्लोबिन कम थी।

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