क्वीन मेरी : चार वर्षो के रिकार्ड में….

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लखनऊ । किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के क्वीन मेरी अस्पताल में प्राइवेट कमरों के रखरखाव में हो रहे घोटाले की जांच में वित्तीय अनियमितता मिली है। बताया जाता है कि क्वीन मेरी अस्पताल प्रशासन ने चार वर्ष का रिकार्ड दिखाने को कहा है। बताया जाता है कि प्राईवेट कमरों के रखरखाव में खामियंा मिलने के अलावा भुगतान रजिस्टर अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब है। केजीएमयू प्रशासन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।

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बताते चले कि क्वीन मेरी में महिला मरीजों की भर्ती के लिए 19 प्राईवेट कमरे है। इनमें डीलक्स, सेमी प्राइवेट, प्राइवेट श्रेणी के कमरे है। इन कमरों में मरीजों को श्रेणी के अनुसार किराया तय होता है आैर सुविधाएं दी जाती है। प्राइवेट कमरे में टीवी, फ्रिज, एसी, टायलेट व खाना बनाने के लिए छोटा सा किचन भी होता है। नियमानुसार कमरों का संचालन करने वाले ठेकेदार की जिम्मेदारी होती है कि कमरों के रखरखाव बेहतर तरीके से करें। मरीज के कमरा खाली होने के बाद पूरे कमरे की साफ सफ ाई कराना होता है। इसके अलावा किसी सामान की गड़बड़ी व अन्य शिकायत मिलने पर उसका निराकरण करना होता है। इसके लिए केजीएमयू प्रशासन लिये गये कि राये में साठ प्रतिशत ठेकेदार को व चालीस प्रतिशत अपने पास रखता है।

रखरखाव का काम कराने के लिए मैन पावर भी ठेकेदार की होती है। केजीएमयू कुलपति, कुलसविच व अन्य जिम्मेदार अधिकारियों ने क्वीन मेरी अस्पताल के प्राइवेट कमरे का निरीक्षण किया था। जांच में ठेकेदारी में कई खामिया गयंी। कु लसचिव ने उसके द्वारा ठेकेदारी करने की कोशिश पर ही प्रश्नचिन्ह कर दिया था। बताया जाता है कि अब क्वीन मेरी अस्पताल प्रशासन ने शिकायत के आधार पर चार वर्षो के रिकार्ड को तलब कर लिया। बताते है कि चार वर्षो के रिकार्ड में काफी दस्तावेज व बिल का भुगतान करने वाला रजिस्टर गायब है। इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी गायब है.

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