लखनऊ । किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के हिमोटोलॉजी विभाग में कैंसर से ग्रसित महिला को भर्ती नहीं करने का आरोप है। आरोप है कि महिला को इलाज पर लगभग 24 घंटे तक सड़क किनारे फुटपाथ पर पड़ी तड़पती रही। मामले की शिकायत जब केजीएमयू प्रशासन के अधिकारियों पास पहुंची तो शुक्रवार सुबह मरीज को संबंधित विभाग में भर्ती कराने की बजाय उसे दूसरे विभाग में मरीज को भर्ती कराने का निर्देश दे दिया गया। दूसरे विभाग के डॉक्टर व नर्स कैंसर के इस मरीज को देखने तक नहीं आए। इससे नाराज तीमारदारों ने हंगामा मचाया, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
सोनभद्र घोरावल के रहने वाले अवधेश कुमार कैंसर पीड़ित पत्नी सावित्री देवी (40) को बृहस्पतिवार सुबह प् केजीएमयू आए थे।
यहां पर हिमोटोलॉजी विभाग की ओपीडी में मरीज को दिखाया गया। यहां पर डाक्टरों ने जांच पड़ताल तो की। जब भर्ती करने का आग्रह करने किया, तो डॉक्टरों ने वार्ड फु ल बता कर भर्ती करने से मना कर दिया। साथ आये परिजनों को उम्मीद थी कि दूसरे दिन भर्ती कराने आशंको को देखते हुए मरीज को लेकर केजीएमयू परिसर के फुटपाथ पर पूरी रात पड़े रहे, लेकिन दूसरे दिन भर्ती न होने की उम्मीद को देखते हुए शुक्रवार सुबह पति ने मामले की जानकारी सीएमएस डा. शंखवार को दी। डा. शंखवार ने तत्काल महिला को ट्रॉमा में भर्ती कराने के निर्देश दिए, पर भर्ती करने के बाद भी करीब आठ घंटे बीतने बाद भी महिला मरीज का इलाज शुरू न हो सका। इससे नाराज परिजनों ने नाराजगी जताते हुए हंगामा किया। परिजनोंं का कहना था विभाग में कोई भी विशेषज्ञ डॉक्टर झांकने तक नहीं आया। ऐसे में महिला मरीज की हालत लगातार बिगड़ती रही।











