लखनऊ । वीरागंना अवंती बाई (डफरिन) अस्पताल में बुधवार को वैक्सीनेशन के दौरान शिशु की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की उच्चस्तरीय जांच टीम ने आज से जांच शुरू कर दी। बैठक में विश्व स्वास्थ्य संगठन व विशेषज्ञ डाक्टरों ने घटना पर चर्चा करते हुए आशंका व्यक्त की कि कहीं फेफड़ों में दुध जाने के कारण गला चोक तो नही हो गया। जो कि मौत का कारण बन गया हो। हालांकि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आयी है, रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ स्पष्ट हो सकेगा। वही लगायी गयी वैक्सीन को जांच के लिए उच्चस्तरीय लैब में भेज दिया गया है।
बताते चले कि वैक्सीनेशन के बाद शिशु की मौत पर स्वास्थ्य विभाग ने जांच कराने के निर्देश दे दिये थे। जांच टीम में टीकाकरण विशेषज्ञ डा. डीके बाजपेयी, डा. एम के सिंह , विश्व स्वास्थ्य संगठन की डा. सुरभि के अलावा अन्य विशेषज्ञ भी मौजूद है। बैठक में प्राथमिक पहलुओं पर चर्चा करते हुए विशेषज्ञों ने कहा कि वैक्सीनेशन के बाद शिशु को दूध पिलाते वक्त कहीं फेफड़े में जा सकता है। इस कारण गला अवरुद्ध होने के कारण चोक हो सकता है, जिसके कारण शिशु की मौत हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अक्सर ऐसे मामलों में यही देखा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अक्सर शिशु वैक्सीनेशन के बाद तेजी रोने लगते है आैर माता तुरंत उन्हें दूध पिला कर चुप कराने की कोशिश करती है। ऐसे में रोते हुए अगर दूध अगर आहारनली की बजाय फेफड़े में चला जाए तो शिशु को दिक्कत हो सकती है। हालांकि आज पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आ सकी है। विशेषज्ञ डाक्टर शुक्रवार को शिशु के माता पिता का बयान दर्ज करेंगे आैर वैक्सीनेशन के बाद की जानकारी एकत्र करेंगे। इसके अलावा जिस वैक्सीन से शिशु की टीकाकरण किया गया था। उसे सील करके कसौली स्थित लैब जांच के लिए भेज दिया गया है। जांच टीम डफरिन अस्पताल में वैक्सीनेशन करने वाले स्टाफ से भी पूछताछ करेंगी आैर उनका भी बयान दर्ज करेंगी।