लखनऊ। प्रोवेशिंयल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (पीएमएस) के पदाधिकारियों का एक दल ने स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने मुलाकात की। पदाधिकारियों ने मुलाकात के दौरान आठ सूत्री मांगों को रखा आैर महानिदेशालय के अधिकारियों के उदासीन रवैये की शिकायत की। मांगों में प्रमुख रूप से संवर्ग की विभागीय प्रोन्नतियां, डाक्टरों के सम्मान व सुरक्षा की मांग की गयी। स्वास्थ्य मंत्री ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पीएमएस के महासचिव डा. अमित सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात के दौरान प्रदेश में विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी एवं सेवा में विशेषज्ञ डाक्टरों के आने के प्रति खत्म होते रुझान को देखते हुए पीएमएस में कार्यरत प्रत्येक एमबीबीएस डाक्टर को अगले आठ व दस वर्ष में विशेषज्ञ डाक्टर में परिवर्तित करने का प्रस्ताव दिया। इसमें एमडी, एमएस या डिप्लोमा में प्रवेश के अलावा सर्टिफिकेट कोर्स इन स्पेशलाइजेशन पर प्रभावी कार्रवाई की आैर इसे जल्दी लागू किया जाए। अस्पतालों में होती मारपीट की घटनाओं में डाक्टरों के मान सम्मान व सुरक्षा का वादा किया जाए।
डा. आशुतोष दुबे ने बताया कि इसके अलावा वर्षो से लम्बित विभिन्न स्तरों पर संवर्ग की विभागीय प्रोन्नतियां अविलम्ब व स्थायी रुप से की जाए। विशिष्ट एपीसी के लाभ से वंचित डाक्टरों की सूची अविलम्ब रूप से लागू की जाए। इसके साथ ही नये डाक्टरों का वरिष्ठता आवंटन किया जाए। इसके अलावा वार्ता में पदाधिकारियों को तबादला लिस्ट से बाहर करने की भी मांग की गयी। वार्ता में पीएमएस अध्यक्ष डा. अशोक कुमार यादव, डा. निरूपमा सिंह, डा. जावेद अहमद खान, डा. देवेश सिंह आदि मौजूद थे।