मुंह दिखायी के बाद तय होती है मरीज की जानकारी…….

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लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में ई- हास्पिटल सिस्टम शुरु होने के बाद मरीजों को दिक्कतें शुरु हो गयी है। यहां पर ओपीडी के पर्चे पर मरीजों की जानकारी देने वाले कई कॉलम ही गायब हो गये है। इस कारण डाक्टरों को यह समझ नहीं आ रहा है कि मरीज मेल है या फीमेल है। मरीज का चेहरा देखने के बाद ही मरीज की उम्र व लिंग दर्ज किया जाता है। केजीएमयू प्रशासन का कहना है कि अभी शुरु हुआ है कुछ दिक्कत आयी है। उसे सुधारा जा रहा है।

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केजीएमयू को ई – हास्पिटल बनाने की कवायद शुरु हो गयी है। अब इस व्यवस्था के तहत ही ओपीडी में पर्चे बनाये जा रहे है, लेकिन इस नयी व्यवस्था में ओपीडी के पर्चे पर गड़बड़ी हो रही है। इससे मरीज बेहाल है आैर डाक्टर परेशान है। हुआ यह है कि ई- सिस्टम के तहत बनाये जा रहे ओपीडी के पर्चे में मरीज की उम्र व लिंग का जिक्र करने वाला कॉलम में गायब है। ओपीडी में पर्चा लिए सुमन ने बताया कि पर्चे पर मेल व फीमेल है यह जिक्र करने का कॉलम नही है। इसके अलावा उम्र दर्ज करने का भी जिक्र नहीं है। डाक्टरों के पास जब पर्चा जाता है तो डाक्टर पहले मरीज की जानकारी को खुद ही भरता है।

उसके बाद उसकी बीमारी के अनुसार लाइन ऑफ ट्रीटमेंट तय करता है। डाक्टरों ने बताया कि मरीज की उम्र के अनुसार दवा की डोज दी जाती है आैर उसके अनुसार ही जांच भी करायी जाती है। ऐसे में पर्चा पर जिक्र होने से मरीज परेशान है। उधर इसकी शिकायत केजीएमयू के आईटी सेल से भी की गयी, लेकिन मरीजों की सुनवाई नही हो रही है। बताते चले कि ओपीडी में प्रतिदिन छह से सात हजार मरीज आते है।

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