लखनऊ । केजीएमयू प्रशासन बीती रात हुए अग्नि कांड पांच मौत को नकार दिया है। कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने दावा किया है कि सभी मौते अग्निकांड के पहले की है आैर सभी मरीज पहले से ही गंभीर हालत में थे। उनकी मौत इलाज के दौरान हुई है। अग्निकांड के दौरान सभी डाक्टरों, क्लीनिकल स्टाफ व कर्मचारियों ने मेहनत के साथ मरीजों को शिफ्ट करके इलाज किया है। इसमें कई कर्मचारी हताहत भी हुए है।
यह जानकारी आज केजीएमयू कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने दावा कि ट्रामा सेंटर से लगभग 150 सौ से ज्यादा मरीजों को शताब्दी अस्पताल, लॉरी कार्डियोलॉजी, गांधी वार्ड तथा बाल रोग विभाग में शिफ्ट किया गया। इसके अलावा जहां पर मरीज शिफ्ट किया गया। उन्होंने बताया कि सभी जगह डाक्टरों की टीम लगा दी गयी थी कि जो कि मरीज का इलाज कर रही थी।
कुलपति ने बताया कि जिन तीन मरीजों की मौत बतायी जा रही है। उन्होंने बताया कि वेंटिलेटर व्यवस्था भी दुरुस्त की जा रही थी। उन मरीजों की हालत पहले से ही गंभीर थी। उन्होंने कहा कि अग्निकांड के कारणों की जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच करायी जा रही है। जिन बच्चों की मौत हो चुक है कि उनकी मौत पहले ही हो चुकी थी।












