लखनऊ। राजधानी में डेंगू के डंक ने लोगों को निगलना शुरु कर दिया है। डेंगू के एक सप्ताह में दो मौते हो गयी है। यह दोनों मौते किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में हुई है आैर दो मौतों में एक तीन वर्षीय बच्चा भी शामिल है। राजधानी में डेंगू से दो मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कम्प मच गया है। स्वास्थ्य विभाग ने केजीएमयू को समय पर डेंगू से होने वाली मौत व डेंगू मरीज की पुष्टि न होने पर नोटिस दे दिया है। इसके अलावा सभी बड़े चिकित्सा संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि डेंगू व स्वाइन फ्लू के पाजिटिव मरीजों की रिपोर्ट उसी दिन शाम तक भेजे जाने का निर्देश दिया गया है। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. जीएस बाजपेयी ने पत्रकार वार्ता में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि राजाजीपुरम निवासी 36 वर्र्षीय श्रीमती सारिका चक्रवती को तेज बुखार होने पर स्थानीय डाक्टरों को दिखाया गया। बुखार कम न होने व तेजी से तबियत बिगड़ने पर उन्हें किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में भर्ती कराया गया। तेजी से बिगड़ती तबियत को देखते हुए आईसीयू में भर्ती कराया गया। यहां पर इलाज के दौरान छह जुलाई को मौत हो गयी। सीएमओ डा. बाजपेयी ने बताया कि इसके अलावा दूसरी मौत तेली बाग क्षेत्र में हुई। यहां संतोष सिंह अपने रिश्तेदार के यहां फिरोजाबाद से घूमने आये थे। इस दौरान उनके पुत्र आयु तीन वर्षीय के तेज बुखार होने पर स्थानीय डाक्टरों को दिखाया ,लेकिन बुखार कम होने पर केजीएमयू में भर्ती करा दिया गया।
यहां पर आठ जुलाई को मौत हो गयी। सीएमआ डा. बाजपेयी ने बताया कि केजीएमयू ने समय पर इसकी जानकारी नही दिया। उन्होंने मरीजों की बीएचटी लेने के लिए एक टीम को केजीएमयू भेजा है। उन्होंने बताया कि केजीएमयू प्रशासन को समय पर जानकारी न देने के लिए नोटिस भी दी गयी है। डा. बाजपेयी ने बताया कि आकंडों के मुताबिक अभी तक डेंगू के 19 मरीज है। जब कि गैर सरकारी आंकड़ो के मुताबिक डेंगू के 22 मरीज हो गये है।