लखनऊ। प्रदेश के नवजात शिशुओं की निमोनिया से बचाव के लिए नयी वैक्सीन न्यूमोकोकल कानजुगेट (पीसीवी) को आज यूनीसेफ व नेशनल हेल्थ मिशन के सहयोग से लांच कर दी गयी। प्रदेश में अभी यह वैक्सीन प्रदेश के छह जिले बलरामपुर, बहराइच, खीरी, सीतापुर, सिद्धार्थ नगर आैर श्रावस्ती के टीकाकरण में शामिल की जा रही है। अभी तक निजी क्षेत्र में लगने वाला यह मंहगा टीका निशुल्क लगाया जाएगा। इसके बाद अन्य जिलों में नियमित टीकाकरण में शामिल की जाएगी। यह घोषणा नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक आलोक कुमार ने होटल ताज में आयोजित कार्यक्रम में की। कार्यक्रम में यूनीसेफ की यूपी प्रमुख रुथ लीआनी सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
निदेशक आलोक कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों को जानलेवा बीमारी से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार न्यूमोकोकल कानजुगेट (पीसीवी) टीके को निशुल्क उपलब्ध करा रही है। प्रदेश के छह जिलों में यह टीका बच्चों को निशुल्क लगाया जाएगा। निदेशक आलोक कुमार ने कहा कि पीसीवी बच्चों को न्यूमोनिया आैर दिमागी बुखार सहित अन्य बीमारियों से बचाव करता है। विश्व में पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मौत का प्रमुख कारण में से एक निमोनिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 के आंकड़ों को देखा जाए तो पांच वर्ष से कम बच्चों की बीस प्रतिशत मौत भारत में ही होती है।
- उन्होंने कहा कि पांच वर्ष से कम बच्चों में निमोनिया के कारण होने वाली मौत में 30 प्रतिशत निमोनिया से होती है। इस वैक्सीन के लांंच होने के बाद निमोनिया से प्रदेश में बच्चों को निजात मिलेगी।
- कार्यक्रम में यूनिसेफ यूपी प्रमुख रूथ लीआनी ने कहा कि अगर विश्व अपने बच्चों को स्वस्थ्य से फलता फूलता देखना चाहता है तो भारत में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
- देश तभी सफल होगा जब प्रदेश इसमें अपना भरपूर योगदान देगा।
- प्रदेश में लांच होने वाली पीसीवी वैक्सीन अन्य राज्यों में भी लांच हो रही है।
- कार्यक्रम में डा. आशुतेाष कुमार ने कहा कि पीसीवी वैक्सीन के दो प्राइमरी टीके आैर एक बूस्टर टीका क्रमश: छह हफ्ते व 14 हफ्ते की उम्र पर आैर बूस्टर नौ महीने की उम्र में लगाया जाएगा।
- कार्यक्रम में विश्व स्वास्थ्य संगठन के डाक्टर व अधिकारी,रोटरी, इटसू सहित अन्य संगठनों के लोग शामिल थे।