लखनऊ। राजभवन ने जूनियर व रेजीडेंट डाक्टरों की मारपीट की घटना को गंभीरता से लिया है। राज्यपाल रामनाईक ने किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के जूनियर व रेजीडेंट डाक्टरों को तीमारदारों से आये दिन मारपीट की घटना में नियमानुसार सुरक्षा देने का आदेश केजीएमयू कुलपति प्रो. एमएल बी भट्ट ने दिया है। इसके साथ डा. भूपेन्द्र के साथ मारपीट की घटना प्रकरण में कार्रवाई करने के लिए कहा है। राजभवन में रेजीडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन के पत्र को संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
केजीएमयू रेजीडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन ने तीन मार्च 2017 को डा. भूपेद्र की तीमारदारों द्वारा पिटाई की घटना के बाद राज्यपाल व कुलाधिपति रामनाईक से सुरक्षा की मांग की थी। डाक्टर्स एसोसिएशन ने कुलपति से भी सुरक्षा की मांग की थी। एसोसिएशन के पत्र को राज्यपाल ने संज्ञान में ले लिया है। कुलाधिपति के विशेष कार्याधिकारी राजवीर सिंह राठौर द्वारा कु लपति केजीएमयू को भेजे गये पत्र में कहा गया है कि डा. भूपेन्द्र की पिटाई के प्रकरण में कार्रवाई तथा समस्त रेजीडेंट डाक्टरों की सुरक्षा नियमानुसार सुनिश्चित की जाए। राज्यपाल से पत्र मिलने के बाद केजीएमयू प्रशासन ने भी घटना की जानकारी तलब कर ली है।
उधर केजीएमयू रेजीडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन ने राज्यपाल के इस निर्देश का स्वागत किया है। रेजीडेंट डाक्टर्स का कहना है कि केजीएमयू में दिनरात जूनियर व रेजीडेंट डाक्टर लगातार मरीजों का काम करते है आैर बेहतर इलाज का प्रयास करते है, पर कुछ क्लीनिकल समस्याओं को दूर कर दिया जाए तो मरीजों को बेहतर इलाज किया जा सकता है।















