लखनऊ. प्रदेश में पेट्रोल पंपों पर हो रही घटतौली के मामले तो पकड़े ही जा रहे हैं, लेकिन सहारनपुर में एक पेट्रोल पंप ऐसा भी मिला जो फर्जी चल रहा था. हैरान पुलिस वपेट्रोलियम अधिकारी इस बात का पता कर रहे हैं यहां पर पेट्रोल और डीजल कहां से सप्लाई हो रहा था और कौन कर रहा था.
बताते चलें प्रदेश में 6300 से अधिक पेट्रोल पंप है. इनमें काफी संख्या में पेट्रोल पंप घटतौली कर रहे हैं इनमें ज्यादातर चिप लगाकर के पेट्रोल की घटतौली की जा रही है. लेकिन अब एक ऐसा मामला सामने आया है कि जिससे पुलिस विभाग और पेट्रोलियम अधिकारियों की नींद उड़ गई है सहारनपुर के प्रशासन की टीम ने देवबंद के गांव गुना रसा मैं ओम नीलकंठ फिलिंग स्टेशन को फर्जी तरीके से चलता हुआ पाया है पेट्रोल पंप के टैंकरों में लगभग 32 हजार से ज्यादा पेट्रोल पंप पर डीजल भरा हुआ था इसके साथ ही तेल से भरे 14 दिन भी बरामद हुए हैं. मजे की बात यह थी पेट्रोल पंप के पास ना तो किसी पेट्रोल कंपनी का लाइसेंस था और ना ही और पेपर.
यहां तक उसके पास कोई कागज भी नहीं मौजूद थे मौके पर एक सेल्समैन मिला वह कोई जानकारी नहीं दे सका. सूत्रों का मानना है पेट्रोल पंप पर छापा डालने की खबर पहले ही मिल चुकी थी इस कारण वहां मौजूद लोग फरार हो गए पेट्रोल पंप मालिक का भी कुछ जानकारी नहीं मिली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके पेट्रोल पंप को सील कर दिया. फर्जी पेट्रोल पंप मिलने का प्रदेश में यह पहला मामला सामने आया है.