लखनऊ। योगी सरकार के नक्शे कदम पर चलते किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने कहा है कि प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डाक्टरों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सभी डाक्टरों को प्राइवेट प्रैक्टिस न करने की सलाह दे दी गयी है। इसके अलावा केजीएमयू में जल्द ही जेनेरिक दवाएं मरीजों को जेनेरिक दवा लिखने की कोशिश शुरू कर दी गयी है।
यह दावा केजीएमयू कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने पत्रकार वार्ता में किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के नियमों के अनुसार प्राइवेट प्रैक्टिस गलत है तो गलत है अगर किसी डाक्टर के खिलाफ शिकायत मिलती है तो उस डाक्टर पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी किसी डाक्टर के खिलाफ कोई शिकायत नही है। उन्होंने कहा कि केजीएमयू में भी अब जेनेरिक दवाओं को मरीजों को मुहैया कराने की कोशिश करेगा आैर यह भी निर्देश है कि मरीजों को जेनेरिक दवा ही लिखा जाए।
प्रो. भट्ट ने कहा कि केजीएमयू में उपकरण खरीद- फरोख्त में भी पारदर्शिता बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि उपकरण खरीद के लिए अब कुलपति, कुलसचिव, वित्त अधिकारी व विभाग प्रमुख कमेटी में होगा। इसके बाद उपकरण की तकनीक परीक्षण करने से लेकर खरीद प्रक्रिया तक पारदर्शी करते हुए ऑन लाइन रहेगी। उन्होंने कहा कि केजीएमयू में एचआरएफ सिस्टम लागू जल्द ही किया जाएगा। उन्होंने बताया कि केजीएमयू में स्नातक व परास्नातक की परीक्षा शुल्क भी कम कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि मरीज हित में ट्रामा सेंटर की चिकित्सा व्यवस्था में सुधार किया जा रहा है। ट्रामा सेंटर में मरीजों को इलाज के लिए दिक्कत का सामना करना पड़े आैर व्यवस्था चाक चौंबद रहे। इसके लिए मरीजों के तीमारदारों से सीधे वार्ता कर समस्या का निदान किया जाता है। मरीजों के लिए दवा आैर संसाधनों की खरीद फरोख्त भी कर दी गयी। ताकि मरीजों को कोई दिक्कत न हो।















