लखनऊ। राजधानी में स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बुधवार को 916 मरीज कोरोना संक्रमित मिले। यह आंकड़ा लगभग एक महीने बाद इतनी कम संख्या पर पहुंचा है। इसके अलावा कोरोना संक्रमण से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 4 गुना ज्यादा रही। विभिन्न कोविड-19 हॉस्पिटल से 3140 मरीज डिस्चार्ज हो गये। जब कि कोरोना संक्रमण से मरने वाले मरीजों की संख्या कब नहीं हुई और बुधवार को 23 मरीजों की मौत हो गई। अगर देखा जाए तो पिछले कुछ दिनों से कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से कम हो रही है। अधिकारियों का दावा है कि लॉकडाउन के कारण कोरोना संक्रमण की चेन ब्रेक करने में मदद मिली है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि अभी कुछ दिनों से लॉकडाउन के बावजूद काफी लोग खरीदारी करने के लिए निकले हैं। इन लोगों को मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना चाहिए। इससे संक्रमण व्यापक नहीं हो पाएगा। दावा किया जा रहा है कि अस्पतालों में भी कोरोना संक्रमण के मरीज कम पहुंच रहे हैं, लेकिन अगर देखा जाए तो अभी भी गंभीर मरीजों को आईसीयू और वेंटिलेटर पर भर्ती काफी देर बाद बड़ी मुश्किल से मिल रही है। स्वास्थ्य अधिकारियों का दावा है कि होम आइसोलेशन के मरीजों में भी तेजी से कमी देखी जा रही है। ऑक्सीजन सिलेंडर की मारामारी भी कम हो रही है। बताया जाता है कि होम आइसोलेशन के मरीज तेजी से ठीक हो रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग भी लगातार उन्हें दवाएं पहुंचा रहा है। बुधवार को विभिन्न कोविड हॉस्पिटलों से 3140 मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हो गए। इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि आईसीयू के मरीज भी तेजी से ठीक हो रहे हैं, लेकिन गैर जनपदों से आने वाली मरीजों की संख्या काफी गंभीर है। बुधवार को कोरोना संक्रमण से 23 मरीजों की मौत हो गई । इन सभी का विभिन्न अस्पतालों में इलाज किया जा रहा था। स्वास्थ विभाग अधिकारियों की माने तो कोरोना संक्रमण के साथ इन से होने वाली मौत में भी जल्द ही कमी होने की संभावना बनी हुई है। हालांकि लोगों को खुद जागरूक रहने की आवश्यकता है।












