लखनऊ । गोमती नगर स्थित डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में सिर्फ आठ मेडिकोज को निलम्बित करने पर अन्य मेडिकोज पर कार्रवाई की मांग पर संविदा कर्मचारी अड़ गए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि कैश काउंटर में संविदा कर्मचारी को मेडिकोज बाहर खींच कर ले गए थे। जांच में संस्थान प्रशासन ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर छानबीन करके 29 मेडिकोज की पुष्टि की थी, तो निलंबन की कार्रवाई मात्र आठ मेडिकोज पर ही की क्यों की गयी। कर्मचारियों का कहना है कि अगर पारदर्शिता नहीं बरती गयी तो वह सब आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
बताते चले कि कुछ दिन पहले संस्थान में ओपीडी के कैश काउंटर में तैनात संविदा कर्मचारी रवि को एमबीबीएस मेडिकोज ने शुल्क जमाकरने के बाबत कहने पर जमकर पिटाई कर दी थी। इतना ही कर्मचारियों को जबरन बाहर निकाल उनकी जमकर पिटायी की थी। इससे कर्मचारियोंह को गंभीर चोट आयी। जांच करने के लिए संस्थान प्रशासन ने सीसीटीवी फुटेज को देखते हुए 29 मेडिकोज की पहचान कर किया । परन्तु संस्थान प्रशासन ने मात्र आठ मेडिकोज को संस्थान प्रशासन ने 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया।
संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रणजीत सिंह यादव ने कहा कि मेडिकोज आए दिन अभद्र व्यवहार करते रहते है। मेडिकोज की मनमानी रोकने के लिए संस्थान प्रशासन से कई लिखित में शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कर्मचारियों का आरोप है कि मरीज व कर्मचारियों से अभद्रता करने वाले मेडिकोज पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। कर्मचारियों का कहना है कि जब स्टाफ काउंटर अलग बना है तो सभी काउंटर पर मेडिकोज क्यों जाकर अभद्र व्यवहार करते हुए काम करने का दबाव बनाते है।
संघ के अध्यक्ष ने बताया कि बुधवार को निदेशक डॉ. दीपक मालवीय के साथ वार्ता में आठ छात्रों के निलंबन की अवधि 15 दिन से बढ़ाकर एक महीने करने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि सभी आरोपित छात्रों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
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