70 प्रतिशत महिलाओं में कैंसर एडवांस स्टेज में चलता है पता

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लखनऊ। सटीक जानकारी व जागरूकता के अभाव में गायनेकोलोजिक कैंसर से पीड़ित लगभग 70 फीसदी महिलाओं में बीमारी का पता एडवांस्ड स्टेज में चलता है। इसके लिए महिलाओं को जागरूक करने के अलावा लक्षण दिखने पर तत्काल विशेषज्ञ डाक्टर से इलाज कराना चाहिए। यह जानकारी होटल क्लार्क अवध में किंग जार्ज चिकित्सा विश्वद्यिालय के सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. समीर गुप्ता ने दी। उन्होंने बताया कि महिलाएं संकेत व लक्षणों को समय पर पहचानकर कैंसर के जोखिम को कम कर सकती हैं। इससे उन्हें समय पर जाँच और इलाज करवाने में मदद मिलती है। महिलाओं को प्रभावित करने वाले लगभग 60 फीसदी कैंसर गल, स्तन, गर्भाशय, अंडाषय, योनि और योनिद्वार पर होते हैं। परन्तु यहां पर इनकी जानकारी काफी विलंब से चल पाता है।

डॉ. समीर गुप्ता ने कहा कोई भी दो गायनेकोलॉजिक कैंसर एक से नहीं होते। लक्षणों, जोखिम तथा इलाज की रणनीतियों में अलग अलग होते हैं। कुछ कैंसर अचानक एकाएक जेंडर म्यूटेषन से विकसित होते हैं, जबकि अन्य आनुवंशिक होते हैं। हर महिला शरीर होने वाले परिवर्तनों के बारे में सतर्क रहना चाहिए और इस बारे में जल्द से जल्द डॉक्टर को बताना चाहिए।

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डॉ. समीर गुप्ता ने कहा हमें महिलाओं को इस बारे में प्रोत्साहित करना होगा कि वो अपने शरीर में पेट में होने वाले परिवर्तनों को पहचानना सीखें और इसकी सूचना शीघ्रता से डॉक्टर को दें। इससे हमें गायनेकोलॉजिक कैंसर की जाँच एवं इलाज में मदद मिलेगी और हम षुरुआती अवस्था में कैंसर का इलाज कर प्रोग्नोसिस को बेहतर बना सकेंगे तथा स्वास्थ्यलाभ भी सुगमता से हो सकेगा। विशेषज्ञ नियमित तौर पर स्क्रीनिंग एवं महिलाओं के यौन रूप से सक्रिय होने से पहले एचपीवी वैक्सीन लगवाने की सलाह दी जाती है। यह वैक्सीन ह्यूमन पैपिलोमावाइरस से सुरक्षा प्रदान करती है।

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