छः दिन बाद दर्ज किया हत्या का मुकदमा

 -संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी अनुपम की मौत

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लखनऊ। इकलौते जवान बेटे की मौत से पूरी तरह टूट चुके पिता न्याय की आस में मड़ियांव कोतवाली के चक्कर लगाते रहे लेकिन पुलिस हत्या का मुकदमा लिखने का आश्वासन देकर टहलाती रही। गुरूवार को जब यह मामला मीडिया व उच्चाधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा तो पिता की तहरीर पर देर रात मड़ियांव पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया। गौरतलब है कि मड़ियांव इलाके में एक सप्ताह पूर्व अनुपम तिवारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी और उसका शव गोमती नदी में उतराता हुआ मिला था।

गोमती नदी में शव मिलने की सूचना पर पहुंचे परिजनों ने उसी दिन हत्या की आशंका जाहिर करते हुये घटना की जांच किये जाने की मांग की थी। लेकिन मड़ियांव पुलिस नहाने के दौरान डूबने से मौत होने की बात कहकर पल्ला झाड़ती रही। वहीं इंस्पेक्टर मड़ियांव राघवन कुमार सिंह का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर सभी बिदंुओं के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है।

थाने के चक्कर लगाते रहे परिजन –

मृतक के पिता राजेश प्रसाद तिवारी के मुताबिक उन्होंने बीते 19 जून को हत्या का मुकदमा दर्ज करवाने के लिये मड़ियांव कोतवाली में तहरीर दी थी। लेकिन पुलिस ने दो दिन बाद आने की बात कहकर उन्हें वापस भेज दिया। उनका आरोप है कि गुरूवार को जब वह परिजनों के साथ मड़ियांव कोतवाली पहुंचे तो फिर पुलिस टाल-मटोल करने लगी। जिसपर परिजनों ने मीडिया, उच्चाधिकारियों व क्षेत्रीय विधायक को पूरे मामले से अवगत कराते हुये न्याय की गुहार लगाई। परिजनों के मुताबिक काफी मशक्कत के बाद गुरूवार देर रात मड़ियांव पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया।

मृतक के शरीर पर थे चोट के निशान –

परिजनों के मुताबिक सूचना मिलने पर जब वह पहुंचे तो मृतक का शव निर्वस्त्र हालत में मुंह के बल पड़ा हुआ था। मृतक के पिता के अनुसार उनके बेटे के कान से खून बह रहा था और सिर व कान सहित शरीर के कई अंगों में चोट के निशान भी थे। परिजनों का दावा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी पुष्टि हो रही है कि अनुपम की हत्या हुई है। परिजनों का कहना है कि मौके से मृतक का मोबाइल फोन, पर्स, घड़ी व बाइक की चाभी गायब थी, जो अभी तक बरामद नहीं हुई है। इससे साफ जाहिर है कि अनुपम की सुनियोजित तरीके से हत्या की गई है।

आखिर किसके फोन काॅल पर घर से निकला था मृतक –

परिजनों के मुताबिक अनुपम ने 16 जून को सुबह 6 बजे नौकरी पर जाने की बात कही थी लेकिन बाद उसने बताया कि 10 बजे जाना है। पिता राजेश का कहना है कि करीब सवा दस बजे अनुपम नाश्ता कर रहा था लेकिन अचानक किसी की फोन काॅल आते ही वह नाश्ता छोड़कर चला गया। यही नहीं परिजनों का कहना है कि अनुपम रोज ड्यूटी पर जाने की बात कहकर घर से जाता था लेकिन जब उन्होंने दुकान पर सम्पर्क किया तो पता चला कि मृतक 13 जून से ही दुकान पर नहीं आ रहा है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि वह कहां जाता था।

17 जून को गोमती नदी में उतराता मिला था शव-

बीकेटी इलाके के सरगपुर सरैया गांव निवासी राजेश प्रसाद तिवारी के इकलौते पुत्र अनुपम तिवारी (25वर्ष) का शव बीते 17 जून को मड़ियांव इलाके में घैला पुल के पास गोमती नदी में उतराता हुआ मिला था। मृतक केवल अण्डवियर पहने था और नदी के किनारे खड़ी बाइक के पास उसके कपड़े व जूते रखे थे। बाइक में मिली आरसी के आधार पर मृतक की पहचान हुई थी।

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