लखनऊ। गुडंबा के कुर्सी रोड स्थित कोचिंग सेंटर में चल रहे नर्सिग होम का निरीक्षण करने आखिर कार तीन दिन बाद स्वास्थ विभाग की टीम जांच के लिए पहुंची। टीम ने जांच पड़ताल करने में ठोस सबूत एकत्र नहीं कर पायी। जांच टीम ने भवन स्वामी को फोन किया, लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिलने पर वह खाली हाथ वापस लौट आई। जांच टीम ने केजीएमयू जाकर पीड़ित महिला मरीज के साथ ही तीमारदारों के बयान दर्ज किए। सीएमओ का कहना है कि जांच हो रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
बताते चले कि बाराबंकी कुर्सी के बाबूरिया गांव निवासी विमलेश की पत्नी सुमन देवी को प्रसव पीड़ा होने पर एम्बुलेंस चालक बेहतर इलाज का झांसा देकर एक कथित डॉक्टर के माध्यम से कुर्सी रोड स्थित गौरबाग कॉलोनी स्थित निजी अस्पताल में भर्ती करवाया था। तीमारदार का आरोप है कि वहां पर डॉक्टर ने खुद को अस्पताल का मालिक बताया था। यहां पर सिजेरियन सर्जरी से महिला का प्रसव के दौरान अंदर रुई छोड़ दिया। अल्ट्रासाउंड में गलती पाये जाने पर इसके बाद दोबारा ऑपरेशन दौरान महिला का आंत फाड दी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भागने के बाद डाक्टर स्वास्थ विभाग व पुलिस की सांठगाठ के चलते वह अस्पताल से कीमती उपकरण निकलवा ले गया। बृहस्पतिवार को अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. डीके बाजपेई व डॉ. केपी त्रिपाठी केजीएमयू पहुंचकर महिला मरीज से मिले।
इसके बाद टीम गुडंबा स्थित कथित नर्सिंग होम पहुंची। जहां पर बिल्डिंग मालिक ने दीवार पर लगे कोचिंग बोर्ड को हटवा दिया था। टीम ने बिल्डिंग मालिक को कई दफा कॉल किया मगर उसने फोन नहीं उठाया। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को वहां निरीक्षण में कुछ अहम सुराग हाथ नहीं लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि तीन दिन बाद जांच करने टीम आयी है अगर दूसरे दिन ही आ जाती है बहुत कुछ मिल सकता था। सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल का कहना है कि बिल्डिंग मालिक को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया जा रहा है,उन्होंने कहा बिना पंजीकरण व डिग्री के अस्पताल चलाने वाले कथित डॉक्टर पर पुलिस एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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