लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में वेंटिलेटर की मरम्मत में जांच के बाद आखिरकार अब 21 वेंटिलेटर को खस्ताहाल घोषित कर दिया गया है। केजीएमयू प्रशासनिक अधिकारियों की हुई बैठक में माना गया है कि सिर्फ दो वेटिलेंटर ही खराब पड़े है आैर अन्य सभी संचालित किये जा रहे है। केजीएमयू प्रशासनिक अधिकारियोंं ने बृहस्पतिवार को हुई बैठक में वेंटिलेटर व्यवस्था पर चर्चा की गयी कि वर्तमान में वेंटिलेटरों की व्यवस्था को कैसे चाक चौंबद किया जाए। बताते चले कि कुछ दिन पहले केजीएमयू प्रशासन ने माना था कि कुल 15 वेंटीलेटर खराब चल रहे हैं। इसमें दो एनआईसीयू, चार पीआईसीयू, तीन एमआईसीयू, दो कार्डियोलॉजी, दो गैस्ट्रो, दो सीटीवीएस विभाग में हैं। इन वेंटीलेटरों को एक महीने में ठीक करने का दावा कि या गया था।
इसके बाद वेंिटलेटर की मरम्मत करने वाली कम्पनियों ने खराब वेंटिलेटर को मानको की कसौटी पर परखा तो पता चला कि 21 वेंटिलेटर खस्ताहाल है, जिनको संचालित नहीं किया जा सकता है। इसके साथ दो वेटिलेटर खराब है जिनकों ठीक करने का काम चल रहा है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. एसएन शंखवार ने बताया कि वर्तमान में 214 वेंटिलेटर केजीएमयू संचालित कर रहा था। निर्देश के बाद खराब वेंटिलेटरो की जांच करायी तो उनमें 21 वेंटिलेटर खस्ताहाल है आैर दो वेंटिलेटर को ठीक कराया जा रहा है। जिस विभाग में वेटिलेटरों को खस्ताहाल घोषित किया गया है, वहां पर नियमानुसार जल्द ही नये वेंटिलेटरों को खरीदने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
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