लिवर प्रत्योपण: 2 मरीजों की हो चुकी है मौत

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लखनऊ । किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में लिवर प्रत्यारोपण के बाद मरीजों का सही फालोअप न होने जिंदगी खतरे में पड़ती जा रही है। लिवर प्रत्यारोपण के परिजनों ने यह आरोप डाक्टरों पर लगाते हुए केजीएमयू प्रशासन से शिकायत भी की है। अब तक देखा जाए तो यहां प्रत्यारोपण के बाद हुए संक्रमण से जहां दो मरीजों की मौत हो चुकी है, प्रत्यारोपण के बाद हालत बिगड़ने पर उन्हें दिल्ली के मैक्स अस्पताल जाने के लिए कहा गया है। बताते चले कि केजीएमयू में अब तक नौ लिवर प्रत्योपण सफलता पूर्वक हो चुके हैं। इनमें छठा प्रत्यारोपण राजधानी के ही मनोज द्विवेदी का सितंबर महीने को हुआ था। 20 अक्टूबर को उनकी मौत हो गई। सातवें लिवर प्रत्यारोपण कराने वाले मरीज चुन्नी लाल, जिसका प्रत्यारोपण गत 24 सितंबर को हुआ था। इसकी मौत भी 13 अक्टूबर को हो चुकी है।

सर्जिकल गैस्ट्रोएंट्रॉलजी के विभागाध्यक्ष प्रो. अभिजीत चंद्रा का कहना है कि दोनों मौतों के दूसरे कारण रहे है एक मरीज की मौत का कारण संक्रमण रहा, जबकि दूसरे की मौत की वजह कार्डिंयक था। वहीं परिजनों का आरोप है कि प्रत्यारोपण के बाद ही संक्रमरण हुआ था। जबकि दूसरे मरीज के परिजनों ने बताया कि प्रत्यारोपण के बाद बीपी बढ़ गया था, जिसे कंट्रोल नहीं किया गया और हार्ट बीट बढ़ने के कुछ देर बाद मरीज ने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि केजीएमयू में प्रत्यारोपण के बाद दो मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल रेफर किया गया था। चुन्नी लाल की मौत दिल्ली में इलाज के दौरान हो गयी। जबकि पांचवें लिवर प्रत्यारोपण होने वाले मरीज सुबोध सिंह को भी मैक्स में रेफर किया गया। सूत्रों के मुताबिक वह मैक्स में गंभीर हालत में इलाज चल रहा है।

चिविवि डाक्टरों के अनुसार गत 19 अगस्त को सुबोध का लिवर प्रत्यारोपण हुआ था। प्रत्यारोपण करने वाले टीम के प्रमुख डॉ. अभिजीत का कहना है कि मैक्स में रेफर इसलिए किया गया, क्योंकि केजीएमयू की तुलना में प्रत्यारोपण के मरीज के लिए वहां अधिक तकनीकी सुविधाएं हैं आैर विशेषज्ञ मौजूद रहते है। इस मरीज को प्लाज्मा फेरेसिस की जरूरत थी, जो केजीएमयू में सुविधा नहीं है। उनका कहना है कि फालोअप में कही चूक नही हो रही है। मरीज की हाल तो देखते हुए रेफर किया जाता है। उन्होंने बताया कि यहां पर प्रत्यारोप के लिए अलग से कोई भी मैनपावर नहीं दी गई जो पहले से थी, उसी टीम के साथ काम कर रहे हैं।

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