लखनऊ। राजधानी के जिला चिकित्सालय बलरामपुर अस्पताल के चिकित्सकों ने जटिल आपरेशन कर एक १० वर्षीय बच्ची की जान बचाई। अस्पताल में भर्ती १० साल की बच्ची जिसको फीलायॅड ट्यूमर था।
चिकित्सकों ने उसका सफ ल ऑपरेशन किया। बच्ची की हालत सामान्य है। यह आपरेशन अपने आप में काफी विशेष रहा है। बिशेषज्ञों की माने तो इस तरह का आपरेशन दुनिया में पहली बार हुआ है।
बिहार की मोतिहारी निवासी दस वर्षीय लड़की रूपा (बदला नाम ) को बे्रस्ट में गांठ थी, गांठ बढ़कर ट्यूमर बन चुका था। केस पुराना होने व अत्यधिक बड़ा साइज होने की वजह से जटिल भी हो गया था। रेशमा बीते एक साल से बिहार में इलाज करा रही थी, तमाम दवाओं के सेवन के बावजूद ट्यूमर में आराम न मिलने पर, वहों के डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिये ।
जिसके बाद परिजन मरीज को लेकर बलरामपुर अस्पताल पहुचे। यहां पर ४ अक्टूबर को निजी अस्पतालों से निराश होने के बाद बलरामपुर अस्पताल में डॉ.एस आर समद्दर के अंडर में भर्ती किया गया, डॉ.समद्दर ने लड़की की वर्तमान उम्र और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए तत्काल आपरेशन करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद सोमवार को सुबह ओटी में तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद लगभग ९०० ग्राम का द्यूमर निकालने में सफलता मिली।
मरीज के शरीर से निकला ट्यूमर करीब १३ गुणा ९ सेमी का था। जिसका वजन ९०० ग्राम निकला है। इससे पहले सबसे छोटी उम्र में ११ साल की बच्ची को ९ गुणा ६ सेमी का ट्यूमर था। उसके ट्यूमर का वजन २४० ग्राम था। सर्जरी करने के लिए कई डॉक्टरों की टीम बनी थी। जिसमें डॉ एस आर समद्दरए डॉ आर के सक्सेना, एनेस्थटिस्ट डॉ उत्तम कुमार तथा इसके अलावा ओटी स्टॉफ शामिल रहा।












