लखनऊ। राजधानी में कोरोना संक्रमण से हालत लगातार खराब होते जा रहे है। बृहस्पतिवार को गोमती नगर निवासी एक रिटायर्ड जज की कोरोना संक्रमित पत्नी की हालत खराब होने पर न तो उन्हें अस्पताल में बिस्तर नही मिल पाया। बिस्तर की दिलाने के लिए वह स्वास्थ्य विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार फोन करते रहे है। इस बीच उनकी पत्नी की हालत बिगड़ी आैर मौत हो गयी। इसके बाद शव ले जाने के लिए शव वाहन भी मिलना मुश्किल हो गया।
गोमती नगर के विनम्र खंड निवासी रमेश चंद्र ( सेवानिवृत्त जिला जज) व उनकी पत्नी मधु चंद्रा ने 12 अप्रैल को लोहिया संस्थान में अपनी कोरोना संक्रमण की जांच कराई थी, जिसके बाद दोनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई इसके बाद दोनों संक्रमित होने अपने आप को हो होम आइसोलेशन में कर रखा था, लेकिन बुधवार (14 अप्रैल ) को जिला जज की पत्नी की हालत खराब होने लगी, उनका आक्सीजन लेवल लगातार नीचे गिरने लगा। आक्सीजन लेबल गिरते-गिरते 45 तक जा पहुंच गया। इस बीच रिटायर्ड जज रमेश चंद्रा ने मदद के लिए सभी सरकारी नंबरों पर लगातार फोन करना शुरू किया और अपनी पत्नी की हालत खराब होने की बात बताते हुए अस्पताल में भर्ती व जल्द से जल्द एंबुलेंस भेजने की अनुरोध करने लगे। अस्पताल में भर्ती कराने के लिए जिला प्रशासन से भर्ती कराने के लिए एम्बुलेंस जल्द पहुंचने का आश्वासन तो दिया गया लेकिन एम्बुलेंस पहुंची नही। इस क्रम में दिन से एक दिन बीत गया और सुबह सात बजे तक मरीज को एंबुलेंस लेने नहीं पहुंच पायी। इस बीच उनकी पत्नी मधु चंद्रा का निधन हो गया। लगातार फोन के घंटों बाद दोपहर बारह बजे के आस जब एम्बुलेंस पहुंची तो कोरोना संक्रमित जानकर हाथ तक लगाने से कतराते रहे। काफी जद्ोजहद के बाद शव को एम्बुलेंस तक पहुंचा जा सका। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि लगातार प्रयास किया जा रहा था, बिस्तर रिक्त होने पर शिफ्ट किया जा सकता है। दिन रात लगातार कोशिश होती है कि मरीज को जल्द से जल्द मरीज को अस्पताल शिफ्ट कि या जा सके।












