लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में गंभीर मरीजों पर प्लाज्मा थेरेपी कारगर हो रही है। यहां पर ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग की मदद से अब तक 15 कोरोना के गंभीर मरीजों पर सफलता पूर्वक प्लाज्मा थेरेपी हो चुकी है। कोरोना संक्रमण से गंभीर होने पर मरीज को बचाने के लिए प्लाज्मा थेरेपी के लिए तीमारदार खुद ही डोनर ले कर आ रहे है। यह डोनर कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके है आैर उन्होंने अभी तक वैक्सीनेशन नहीं कराया है। गाइड लाइन के अनुसार वैक्सीनेशन के बाद प्लाज्मा नहीं लिया जा सकता है।
ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग की प्रमुख डा. तूलिका चंद्रा ने बताया कि कोरोना संक्रमण के लगातार गंभीर मरीज आ रहे है। इस बार गंभीर होने पर गाइड लाइन के अनुसार मरीज की प्लाज्मा थेरेपी की जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 15 मरीजों की प्लाज्मा थेरेपी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि लोग प्लाज्मा थेरेपी के प्रति जागरूक हो चुके है, लेकिन संक्रमित मरीज को प्लाज्मा वही डोनर दे सकता है, जो कि खुद कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुका हो। डा. तूलिका ने बताया कि कोरोना से ठीक हो चुके मरीज को 14 दिन के अंदर प्लाज्मा डोनेशन कर सकता है। इसके अलावा कोरोना मरीज अगर ठीक होने के बाद कोरोना वैक्सीनेशन करा लेता है तो वह कोरोना संक्रमित मरीज को प्लाज्मा नहीं दे सकता है।