विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने युवाओं से किया एकजुटता का आह्वान

लखनऊ। भागीदारी भवन में आयोजित युवा संसद 2026 कार्यक्रम में सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने युवाओं को संबोधित करते हुए राष्ट्र निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है और लगभग 60 प्रतिशत युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल प्रश्न पूछने तक सीमित न रहें, बल्कि समस्याओं के समाधान खोजते हुए देश को सैन्य, आर्थिक और सांस्कृतिक महाशक्ति बनाने में सक्रिय योगदान दें।
अपने संबोधन में डॉ. सिंह ने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि मात्र दो लाख अंग्रेज सैनिकों ने लगभग 200 वर्षों तक भारत पर शासन किया, जिसका मुख्य कारण हमारी आंतरिक विभाजनकारी सोच थी। उन्होंने युवाओं को जातिवाद और संकीर्ण मानसिकता से ऊपर उठकर एकजुट होने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि युवा संगठित रहेंगे तो भारत की सामाजिक और राष्ट्रीय शक्ति और अधिक मजबूत होगी। डॉ. सिंह ने देश की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भारत तेजी से विकास की ओर अग्रसर है और मजबूत अर्थव्यवस्था किसी भी राष्ट्र की स्थिरता की आधारशिला होती है। उन्होंने युवाओं से कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और नवाचार को अपनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कई शिक्षण संस्थानों में स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की गई है, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा का लाभ मिल रहा है।
साथ ही उन्होंने साइबर सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनने की आवश्यकता बताई। पर्यावरण संरक्षण पर चिंता व्यक्त करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि पिछले सौ वर्षों में पृथ्वी का तापमान लगभग 1.5 डिग्री सेल्सियस बढ़ चुका है और भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है।
उन्होंने युवाओं से सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन और हरित तकनीक को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और सशक्त युवा ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं, इसलिए खेल और स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना आवश्यक है।
कार्यक्रम में संरक्षक राजकुमार पटेल, आयोजक अभिनव पटेल सहित अनेक शिक्षाविदों और युवाओं ने भाग लिया। अंत में डॉ. राजेश्वर सिंह ने युवाओं से संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि जागरूक, संगठित और जिम्मेदार युवा ही भारत को विश्व की अग्रणी शक्ति बना सकते हैं।












