लखनऊ । किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रॉमा सेंटर स्थित न्यूरो सर्जरी विभाग में डॉक्टर पर निजी पैथालॉजी से टेक्नीशियन बुलाकर महिला मरीज की ईसीजी करा कर पर दो सौ रुपये लिये जाने का आरोप है। यह खुलासा तब हुआ कि जब तीमारदार ने रसीद मांगने पर निजी पैथलॉजी का बिल दे दिया गया। तीमारदार का आरोप है कि इसे गलत बताया तो तैनात डॉक्टर व स्टॉफ ने मिलकर अभद्रता की आैर उन्हें वार्ड से बाहर निकाल दिया गया। तीमारदार ने स्वास्थ्य मंत्री व कुलपति को शिकायती पत्र भेजा है। फि लहाल केजीएमयू प्रशासन ने शिकायत पर जांच के आदेश दिए हैं।
बताते चले ऐशबाग भदेंवा स्थित प्रकाशपुरम के रहने वाले अधिवक्ता सतीश चंद्र श्रीवास्तव की पत्नी सुमन (65) के ब्रोन ट्यूमर का इलाज करा रहे है। उन्होंने बताया कि 13 सितंबर को पत्नी को ओपीडी में डॉ. अवधेश कुमार यादव को दिखाया था। जांच के बाद हालत को देखते हुए मरीज को ट्रॉमा के न्यरो सर्जरी वार्ड में भर्ती रखा है। उनका आरोप है वार्ड में तैनात रेंजीडेंट डॉक्टर ने दो दिन पहले बिना उन्हें जानकारी दिये वार्ड के अंदर निजी पैथालॉजी से टेक् नीशियन से जांच करा दी। इस जांच के लिए दो सौ रुपये की मांग की गयी। तीमारदार ने रसीद मांगी तो उसे निजी पैथालॉजी की रिपोर्ट व रसीद थमा दी । तीमारदार का कहना था कि जब केजीएमयू से जांच करायी जा सकती है तो निजी पैथालॉजी से बुलाकर जांच क्यो करायी गयी। उनका आरोप है कि रेजीडेंट डॉक्टर व स्टॉफ ने उनसे व उनके परिजनों से अभद्रता करते हुए धक्का मुक्की की आैर वार्ड से बाहर खदेड़ दिया। उनका आरोप है कि पीड़ित ने बताया डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए तारीख पर तारीख दे रहे हैं। डाक्टर आपरेशन थियेटर तक मरीज को ले जाने के बाद कोई न कोई बहाना बनाकर बाहर कर देते है।















