लखनऊ. किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के सीवीटीएस विभाग मैं एक बार फिर इतिहास दोहराया जा रहा है। ताजा मामला सीटीवीएस विभाग का है,जहां पर मौजूदा समय में दो – दो विभागाध्यक्ष तैनात हैं। एक विभागाध्यक्ष को वीसी ने तैनात किया है तो वहीं पहले से तैनात विभागध्यक्ष अपना पद नहीं छोड़ रहे हैं। हालात यह है कि बीते साल अप्रैल २०१६ की कहानी एक बार फिर दोहरायी जा रही है। सीटीवीएस विभाग में दो विभागाध्यक्ष तैनात होने से कर्मचारियों की समस्या बढ़ गयी है। इसके अलावा मरीजों को भी परेशानी हो रही है, वहीं केजीएमयू प्रशासन इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे बैठा है।
सीटीवीएस विभाग में केजीएमयू प्रशासन की तरफ से डॉ.एसके.सिंह को विभाग का नया विभागाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं विभाग में विभागाध्यक्ष के पद पर तैनात प्रो.शेखर टंडन ने अभी तक नये विभागाध्यक्ष को चार्च नहीं सौंपा है। जिसके चलते पूरे विभाग में उथल-पुथल की स्थिति बनी हुयी है। इसी तरह का मामला बीते साल अप्रैल 2016 में हुआ था,जब तत्कालीन कुलपति प्रो.रविकांत ने प्रो.एसके.सिंह को विभागाध्यक्ष के पद से हटा कर प्रो.शेखर टंडन को विभागाध्यक्ष बना दिया था। उस समय भी विभाग में काफी हलचल हुयी थी। जिसका खामियाजा मरीजों को उठाना पड़ा था। एक फिर से वैसा ही माहोल बनता जा रहा है।
विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.शेखर टंडन ने नये विभागाध्यक्ष प्रो.एसके.सिंह को यह कहते हुए विभाग का चार्ज देने से मना कर दिया कि प्रो.एसके.सिंह पर एक मशीन की खरीद फरोख्त समेत कई मामले में अनिमित्ता का आरोप लगा है,जिसकी जांच अभी तक राज्यपाल के यहां लम्बित है। इसके अलावा प्रो.शेखर टंडन के मुताबिक प्रो.एसके.सिंह केजीएमयू में दोबारा से नियुक्ति ही गलत बताई है। प्रो.शेखर टंडन ने बताया कि इन्हीं सब बातों के चलते बीते साल अप्रैल २०१६ में प्रो.एसके.सिंह को तत्कालीन कुलपति प्रो.रविकांत ने विभागध्यक्ष के पद से हटा दिया था। जब इस बारे में प्रो.एसके.सिंह से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि उन्हें सीटीवीएस विभाग का विभागाध्यक्ष केजीएमयू प्रशासन ने नियुक्त किया है। इस पर वह कुछ नहीं बोलना चाहते।















