लखनऊ। कहावत है चोरी ऊपर से सीना जोरी यह वर्तमान में पेट्रोल पंप मालिकों पर खरी उतर रही है। प्रदेश व राजधानी में लगातार पेट्रोल पंपों पर पकड़ी जा रही घटतौली इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के कारण एसटीएफ कारवाई कर रही है। इस कार्रवाई के डर से पेट्रोल पंप मालिकों ने अघोषित हड़ताल की दी। देर रात खुले रहने वाले पेट्रोल पंप अचानक बंद हो गए। सुबह भी पेट्रोल पंप बंद ही थे। लोगों में चर्चा शुरू हो गई कि पेट्रोल पंप मालिकों में हड़ताल करनी शुरु कर दिया।
हड़ताल की जानकारी मिलते ही गोमतीनगर स्थित पेट्रोल पंप पर भीड़ इकट्ठा होना शुरू हो गए। बताया जाता है कि पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष के पेट्रोल पंप पर ही इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लगी पाई गई। मैं खुद अपने बेटे के साथ फरार चल रहे हैं। इसके अलावा अन्य पेट्रोल पंपों पर भी लगातार पकड़ी जारी चोरी के कारण पेट्रोल पंप मालिकों में अफरा तफरी मच गई है। देर रात सभी ने एकजुट होकर हड़ताल की घोषणा कर दी । हालांकि यह घोषित हड़ताल नहीं है, जिस पेट्रोल पंप पर कार्रवाई नहीं हुई। वह डर कर पेट्रोल पंप बंद कर दिया कि कहीं वह खुद पकड़ा ना जाए।
जहां भी पेट्रोल पंप खुला मिला,वहीं लाइन लग गयी। सबसे ज्यादा लम्बी लाइन गोमती नगर लगी मिली। आलम यह था कि पेट्रोल पंप मालिकों ने क्रेडिट कार्ड लेना बंद कर कैश ही लेना शुरु की दिया। इस हड़ताल से लोगों में आक्रोश व्याप्त है। सुबह से लोग पेट्रोल के लिए भटक रहे थे।
पेट्रोल पंप एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी सुधीर बोरा से हुई बातचीत के अनुसार पेट्रोल पंप कर्मचारियों के दबाव में आ जाने के कारण स्टाफ की कमी हो गई है जिसके चलते पेट्रोल पंप बंद करने पड़े। जबकि कुछ पंप चालू है। लोगों ने इसको हड़ताल का नाम दे दिया जोकि गलत है। उन्होंने बताया कि शासन से आज वार्ता होनी है जिससे कुछ सकारात्मक परिणाम आने की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस प्रकार सरकार ने काले धन बिजली ,पानी व हाउस टैक्स के लिए समय दिया उसी प्रकार पेट्रोल पंप को भी चेतावनी देनी चाहिए थी। सरकार का सीधा एक्शन पेट्रोल और जनता के लिए मुसीबत का कारण बनता जा रहा है। एसोसिएशन इस दुविधा से बाहर आने का सार्थक प्रयास कर रहा है।।















