इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने दिन में काम करने के दौरान डॉक्टरों में हाई ब्लड प्रेशर रिकॉर्ड किया गया है। डाक्टरों के
ब्लड प्रेशर की इस जांच का अभियान विश्व उच्च रक्तचाप दिवस पर कल हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया आैर एरिस लाइफसाइंसेस के सहयोग से किया गया था।
विशेषज्ञों के मानना है कि ब्लड प्रेशर की अक्सर गलत पहचान की जाती है, क्योंकि ब्लड प्रेशर की रीडिंग घर आैर क्लिनिक पर अलग- अलग होती हैं। अगर ‘एमबुलटेरी ब्लड प्रेशर मॉनिटिरिंग” (एबीपीएम) के माध्यम से 24 घंटे के दौरान किसी व्यक्ति के ब्लड प्रेशर नापा जाए तो ब्लड प्रेशर की ज्यादा सटीक जानकारी उजागर करने में मदद मिलती है।
एबीपीएम उपकरण से किसी व्यक्ति का ब्लड प्रेशर दिन में उसके काम करने के दौरान मापा जाता है।
इस जांच प्रक्रिया में एक छोटी डिजिटल रक्तचाप मशीन को एक बेल्ट के माध्यम से शरीर से जोड़ा जाता है आैर उसे व्यक्ति के बांह से जोड़ा जाता है आैर फिर यह 24 घंटे के दौरान नियमति अंतराल पर हर 15 से 30 मिनट पर ब्लड प्रेशर की रीडिंग लेती है।
इस बारे में आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. के के अग्रवाल ने कहा कि इस अभियान में देश भर के 33 शहरों में 533 डॉक्टरों से करीब 20,000 एबीपीएम रीडिंग ली गई। सर्वेक्षण में लिए गए 21 प्रतिशत डॉक्टर ऐसे थे जिनका रक्तचाप क्लिनिक में मापने के दौरान सामान्य था लेकिन एबीपीएम तकनीक द्वारा मापने के दौरान उनका रक्तचाप अधिक था