महिलाओं में बांझपन का प्रमुख कारण जननांग टीबी : डॉ. स्मृति

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गर्भधारण में दिक्कत व अनियमित मासिक धर्म की स्थिति में हो जननांग टीबी की जाँच

विश्व क्षय रोग दिवस (24 मार्च) पर विशेष

लखनऊ। गर्भधारण में आ रही समस्या का एक प्रमुख कारण जननांग टीबी भी हो सकती है। यह समस्या जल्दी इस कारण भी पकड़ में नहीं आती क्योंकि इसके लक्षण शुरुआत में नजर ही नहीं आते। इसलिए इसकी गंभीरता का सही अंदाजा लगाना कठिन होता है। ऐसे में जटिलताओं से बचने और प्रजनन क्षमता को सुरक्षित रखने के लिए शीघ्र पहचान और बेहतर इलाज बहुत ही महत्वपूर्ण है। यही कारण है कि अब यह जरूरी समझा जाने लगा है कि बांझपन और अनियमित मासिक धर्म की स्थिति में जननांग टीबी की भी जांच जरूर करायी जाए। यह कहना है डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान की स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की अध्यक्ष की डॉ. स्मृति अग्रवाल का।

 

 

 

 

डॉ. स्मृति का कहना है कि टीबी माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस के कारण होने वाला एक गंभीर संक्रामक रोग है। यह बीमारी किसी भी वर्ग को प्रभावित कर सकती है। बच्चों, पुरुषों और महिलाओं में यह बीमारी अलग-अलग तरीके से देखी जा सकती है। इन्हीं में से महिलाओं में होने वाली प्रमुख बीमारी जननांग टीबी है, जो कि बांझपन का एक प्रमुख कारण भी है। इसको जेनिटल टीबी भी कहते हैं। भारत में हर वर्ष लगभग 10 लाख से अधिक महिलाओं और लड़कियों में टीबी की पहचान होती है। इसके अलावा जो युवा महिलाएँ एचआईवी से संक्रमित हैं, उनमें भी टीबी के जोखिम की सम्भावना अधिक रहती है। शरीर के किसी भी हिस्से में टीबी संक्रमण के कारण जननांग की टीबी हो सकती है, हालांकि फेफड़ों की टीबी सबसे प्रमुख है लेकिन गुर्दे, पेट, हड्डी या जोड़ में भी टीबी का संक्रमण हो सकता है। जननांग में आमतौर पर सबसे पहले संक्रमण फैलोपियन ट्यूब से शुरू होता है, जो बाद में अन्य जननांगों में फैलता है। फैलोपियन ट्यूब से होकर ही संक्रमण गर्भाशय तक पहुँचता है। लगभग 15 से 20 प्रतिशत मामलों में संक्रमण फैलोपियन ट्यूब से अंडाशय में फैल जाता है और सबसे आखिरी में यह नीचे की तरफ गर्भाशय के मुंह को प्रभावित करता है। टीबी के संक्रमण से बचने के लिए ही बच्चे के जन्म के तुरंत बाद बीसीजी का टीका लगाया जाता है।

 

 

डॉ. स्मृति का कहना है कि अनियमित माहवारी, माहवारी के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव, माहवारी न होना, योनि स्राव, पेडू में दर्द बना रहना और गर्भधारण न कर पाने की समस्या जननांग टीबी के कारण हो सकती है। हालांकि टीबी ग्रसित आधे से अधिक महिलाओं में अमूमन लक्षण दिखाए नहीं देते। जो लक्षण दिखाई भी देते हैं वह अधिकतर आम होते हैं, जैसे- थकान होना और वजन घटना।

 

 

 

मेनोपॉज़ या रजोनिवृत्ति के बाद जननांग की टीबी के लक्षण गर्भाशय के कैंसर से मिलते-जुलते हो सकते हैं। यह कुछ इस तरह से सामने आ सकते हैं, जैसे- रजोनिवृत्ति के बाद रक्तस्राव, योनि से लगातार स्राव और गर्भाशय का संक्रमण। जननांग टीबी की पहचान महिला की पूरी केस हिस्ट्री जानने, स्त्री रोग संबंधी जाँच तथा अन्य महत्वपूर्ण जांचों जैसे छाती का एक्स-रे, पेडू का अल्ट्रासाउंड, हिस्टेरोसाल्पिंगोग्राफी, पेडू का सीटी स्कैन और लैप्रोस्कोपी जैसी जाँच के आधार पर किया जाता है हालांकि महिला जननांग की टीबी का उपचार पुरुषों और महिलाओं के शरीर के किसी भी और हिस्से के उपचार की तरह ही होता है। यहाँ यह भी बहुत ध्यान देना होता है कि जननांग टीबी के उपचार के दौरान दी जाने वाली कुछ दवाएं गर्भ निरोधक गोलियों के असर को ख़त्म कर देती हैं, इसलिए इसकी सुरक्षा का भी ख्याल रखा जाना बहुत जरूरी है।

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