लखनऊ। एक साल से कम उम्र के बच्चों में एक अत्यन्त विशिष्ट प्रकार का ट्यूमर पाया जाता है। यह ट्यूमर व्यस्कों में पाये जाने वाले ट्यूमर की तरह होता है, जो गंभीर कैंसर होता है। वहीं बच्चों में होने वाला मेलोनेटिक एक्टोड्रमल ट्यूमर आफ इनफैंसी कैंसर नहीं होता। यह जानकारी केजीएमयू के बाल शल्य चिकित्सा विभाग के डॉ. आशीष बाखलू ने भूटान से लौट कर दी है।
उन्होंने बताया कि इस रोग की विशिष्टता एवं दुर्लभता के दृष्टिगत हाल ही में भूटान में तीसरी अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस एवं सर्जरी आयोजित की गई थी, जिसमें उन्होंने प्रतिभाग किया और व्याख्यान भी प्रस्तुत किया। बताया कि इस बीमारी के विश्व में केवल 400 से कम रोगी अभी तक पहचाने गए हैं। भारत वर्ष में यह रोग केवल 22 रोगियों में ही देखा गया है, जिसमें से 18 रोगियों की शल्य चिकित्सा केजीएमयू के बाल शल्य चिकित्सा विभाग में की गई है। इन 18 में से 17 रोगियों को 15 से 20 साल तक देखभाल की गई। किसी रोगी में यह बीमारी दोबारा प्रकट नहीं हुई। इसलिए भूटान में केजीएमयू के बाल शल्य चिकित्सा विभाग के प्रयास को सराहा गया है।
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