लखनऊ । बुधवार को शिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक गणवेशों (ड्रेस कोड) के प्रति अनुशासनहीनता एवं विभिन्न अनियमितताओं के विरोध में विश्व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल लखनऊ पश्चिम, अवध प्रान्त द्वारा क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी एवं निदेशक माध्यमिक शिक्षा का घेराव कर ज्ञापन सौंपा गया।
उक्त कार्यक्रम में लखनऊ पश्चिम जिले के अध्यक्ष सुभाष शर्मा, जिला संगठन मंत्री समरेन्द्र प्रताप सिंह, जिला उपाध्यक्ष मनोज जी, जिला कार्याध्यक्ष अंकुश सूरी, जिला सह मंत्री तरनजीत सिंह डंग, सेवा प्रमुख विशाल कोहली, जिला विधि प्रकोष्ठ के संजीव जैन, जिला प्रचार प्रसार प्रमुख श्री गणेश शंकर पवार, जिला सह प्रचार प्रसार प्रमुख आदित्य तिवारी, जिला सह मातृशक्ति अरुणा सिंह, बबिता, बजरंग दल सह संयोजक दीपक साहू, शुभम, नीरज शर्मा, रामनगर प्रखंड अध्यक्ष शिवहरि सिंह, विशाल वर्मा, विजय, मालवीय नगर से अर्चित नन्दन सहित वीरेन्द्र अवस्थी उपस्थित रहे। शिवाजीनगर से प्रेम यादव, राम सिंह जी, बुद्धेश्वर नगर से अनिकेतन दीक्षित, बजरंगदल के संयोजक/सह संयोजकों के साथ ही विभिन्न प्रखंडों, आयामों, दुर्गा वाहिनी एवं मातृशक्ति की बहनों मालवीय नगर से रीना विक्रम सिंह, सहित सैकड़ों पदाधिकारी/सदस्य उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त धीरज , मोहित गुप्ता, राजीव पाण्डेय, गुडडू अवस्थी, जितेन्द्र राजपूत, परमात्मा, ज्ञानचंद उपस्थित रहे साथ ही लक्षमण नगर, वीर हकीकत नगर, शत्रुघन नगर, रघुवीर नगर, भरत नगर एवं बजरंग नगर के भी बहुत संख्या में कार्यकर्ता पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त ज्ञापन देने के पूर्व हजरतगंज स्थित लौह पुरुष सरदार पटेल की प्रतिमा के सम्मुख भी प्रदर्शन किया गया।
विश्व हिन्दू परिषद की पाँच सूत्रीय माँगों को लेकर ज्ञापन दिया गया:-
1- विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, विद्यालयों (सरकारी/गैर सरकारी) में अनेकों छात्राएं बुर्के में मुंह ढक कर आ रही हैं जिससे उनकी पहचान में करना असंभव हो जाता है और ये पूर्ण रूप से अनुचित है। विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों की कक्षाओं में इस प्रकार मुंह ढक कर के बैठना बंद होना चाहिए, कई बार शक होता है कि बुर्के के अंदर कोई अन्य है पेपर किसी और का है क्लासेज कोई अन्य कर रहा है, अतः इस प्रकार के वस्त्र कक्षाओं में पहन कर आना प्रतिबंधित किया जाए।
2- वर्तमान समय में ऐसा कई विश्वविद्यालयों में देखने में आया है कि विश्वविद्यालयों में लड़ाई झगड़े बढ़ रहे है, विश्वविद्यालयों के छात्रावासों में छात्रों के साथ या उनके स्थान पर बाहरी आपराधिक प्रवृति के लोग प्रवेश करते हैं यह कार्य भी प्रतिबंधित हो। बाहरी असामाजिक तत्व विश्वविद्यालय या छात्रावासों में प्रवेश न कर सकें इसका भी ध्यान रखा जाए।
3- जिन कोचिंग संस्थाओं का रजिस्ट्रेशन नहीं उन्हें बंद कराया जाए।
4- कोचिंग संस्थाओं में मानक पूरे हैं या नहीं उसकी भी जांच कराई जाए।
5- बेसमेंट में चल रही कोचिंग संस्थाओं या लाइब्रेरी को बंद कराया जाए।
जिला संगठन मंत्री, श्री समरेन्द्र जी ने बताया कि यदि यह ज्ञापन अपने उद्देश्यों में सफल नहीं हो पाता है तो संगठन व्यापक रूप से आन्दोलन करने को बाध्य होगा तथा विद्यालयों के बाहर धरना/प्रदर्शन आदि का आयोजन किया जाएगा।












