लखनऊ। वीरागंना अवंती बाई (डफरिन) अस्पताल में पोलियो व पेंटावेलेंट के वैक्सीनेशन के बाद डेढ महीने के शिशु की मौत होने से हड़कम्प मच गया। इस मौत के बाद अस्पताल में ही नहीं पूरे स्वास्थ्य विभाग में अफरातफरी मच गयी। परिजनों का कहना है कि टीकाकरण के कुछ देर बाद ही शिशु का खून उल्टी हुई आैर उसकी मौत हो गयी। परिजन शिशु को लेकर अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां पर डाक्टरों ने जांच के बाद शिशु को मृत घोषित कर दिया।
शिशु की मौत के कारणों को जानने के लिए वजीरगंज पुलिस को सूचना दे कर उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। उधर घटना की जानकारी पाकर स्वास्थ्य विभाग के टीकाकरण अभियान प्रभारी डा. एम के सिंह ने अस्पताल पहुंच कर वैक्सीन को सील करके जांच के लिए भेज दिया गया। सीएम ओ डा. जीएस बाजपेयी का कहना है कि बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलेगा कि शिशु के मौत का कारण क्या था।
सीएमओ डा. जीएस बाजपेयी ने बताया कि डफरिन अस्पताल के बाल रोग विभाग में अलीगंज निवासी अरुन त्रिपाठी लगभग डेढ़ महीने के शिशु को टीकाकरण के लिए ले कर आये। पंजीकरण के बाद शिशु को ओपीवी,आईपीवी के साथ ही पेंटावेंलट का वैक्सीनेशन किया गया। आरोप है कि शिशु को वैक्सीनेशन के कुछ देर बाद खुन की उल्टी हुई आैर वह अचेत हो गयी। परिजन उसे लेकर सीधे अस्पताल पहुंचे आैर वहां पर डाक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृत घोषित होते ही परिजनों ने डाक्टरों पर आरोप लगाते हुए हंगामा मचा दिया।
इस घटना से अस्पताल में हड़कम्प मच गया। इसकी जानकारी वजीरगंज पुलिस को देने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग को भी दिया गया। वजीरगंज पुलिस ने परिजनों को शांत कराते हुए शिशु के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि ओपीवी व आईपीवी के साथ पेंटावेंलट के वैक्सीन को सील करके जांच के लिए भेज दिया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार उसी वैक्सीन से 17 बच्चों को ओपीवी व 29 बच्चों को आईपीवी तथा 09 बच्चों को पेंटावेंलट वैक्सीन पिलायी गयी है, लेकिन यह सभी बच्चे स्वस्थ है।