पर्यटन से आर्थिक विकास को मिलेगी नई गति
लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से वैश्विक पर्यटन नेतृत्व का विजन
लखनऊ । एफएचआरएआई वेडिंग एवं MICE टूरिज्म कॉन्क्लेव 2026 में सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से भारत की MICE राजधानी बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने अपने मुख्य वक्तव्य में पर्यटन, आतिथ्य और MICE (मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंस और एग्ज़ीबिशन) क्षेत्र को देश की आर्थिक वृद्धि का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि यह केवल पर्यटन नहीं, बल्कि आर्थिक कूटनीति का सशक्त माध्यम है।
डॉ. सिंह ने कहा कि वैश्विक स्तर पर पर्यटन क्षेत्र विश्व GDP में लगभग 10 प्रतिशत योगदान देता है और करीब 33 करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है। उन्होंने बताया कि MICE उद्योग वर्ष 2032 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर से अधिक का हो जाएगा। भारत में यह क्षेत्र लगभग 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक योगदान देता है तथा 4.8 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करता है। इसके बावजूद भारत वैश्विक पर्यटकों का मात्र 1 से 1.5 प्रतिशत ही आकर्षित कर पा रहा है, जिसे बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में हुए तीव्र विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि बेहतर कारोबारी माहौल, मजबूत आधारभूत संरचना और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार ने राज्य को निवेश और पर्यटन के लिए आकर्षक बनाया है। उन्होंने कहा कि सरोजनीनगर और लखनऊ क्षेत्र में एरोसिटी, एआई सिटी, प्रदेश का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर तथा एक वर्ष में 2500 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत जैसे कदम इस क्षेत्र को MICE और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बना रहे हैं।
डॉ. सिंह ने 1400 करोड़ रुपये से अधिक लागत से निर्मित लखनऊ अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर को आर्थिक विकास का मजबूत आधार बताते हुए कहा कि इससे व्यापार, सम्मेलन और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने आयोजन के लिए फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशंस ऑफ इंडिया का आभार व्यक्त करते हुए अध्यक्ष सुरेंद्र जायसवाल को सफल आयोजन की बधाई दी।
अंत में डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश पूरी तरह तैयार है और संयुक्त प्रयासों से भारत को वैश्विक पर्यटन एवं MICE गंतव्य के रूप में शीर्ष स्थान तक पहुंचाया जा सकता है।












