लखनऊ। गोमती नगर के डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान में मंगलवार को एमआरआई जांच शुरू हो गयी। करीब 52 लाख रुपये मशीन की मरम्मत करने की लागत बतायी जाती है। सोमवार को मशीन के ट्रायल के दौरान कलेंट की कमी के कारण जांच में कुछ दिक्कतें आयी थीं। जिसे दूर किया चुका है। संस्थान के निदेशक डा. दीपक मालवीय ने बताया कि अब मरीजों की सुचारू से जांच हो सकेगी।
उल्लेखनीय है कि लोहिया संस्थान में इलाज करा रहे कैबिनेट मंत्री की एमआरआई जांच के दौरान उनके गनर की पिस्टल जाकर मशीन में चिपक गयी थी। जो मैग्नेटिक रेंज में आने के कारण उसका निकलना मुश्किल हो गया। इसके बाद मशीन की मैग्नेटिक रेंज को समाप्त करने के लिए उसमें भरी हीलियम गैस को निकाला गया और तब जाकर पिस्टल निकल पायी थी। लोहिया संस्थान ने यह पिस्टल पुलिस को जमा कराया था। इसके बाद हीलियम गैस को निकाला गया। मुम्बई से मंगा कर हीलियम गैस को भरा गया।
सोमवार को एमआआई मशीन का ट्रायल लिया गया। कई मरीजों की जांच की गयी लेकिन मशीन में कुछ दिक्कत के कारण जांच रोकनी पड़ती। बताया जाता है कि अब एमआरआई जांच कराने से पहले जांच के कड़े नियम से मरीज व उनके तीमारदारों को गुजरना पड़ेगा, ताकि भविष्य में कोई दिक्कत न होने पाए।