लखनऊ। सरोजनीनगर इलाके में गुरुवार शाम फकीर के भेष में ट्रेवल्स एजेन्सी संचालक के घर पहुंचे तीन बदमाशांे ने उसके परिजनों को बेहोश कर लाखों रूपये के गहने और नगदी लूट ले गए। बदमाशा काफी देर तक घर के अन्दर घटना को अन्जाम देते रहे, लेकिन आस पड़ोस के लोगों को इसकी भनक तक नहीं लग सकी। वारदात के करीब डेढ़ घंटे बाद घर पहुंचे ट्रेवल्स एजेन्सी संचालक ने परिजनों को बेसुध पड़े देख उनके चेहरे पर पानी की छीटे मारी, जिसके बाद होश में आने पर घर के सदस्यों से घटना की जानकारी मिली और उसने इसकी सूचना पुलिस को दी।
उधर बुरी तरह बेहोशी की हालत में पड़ी महिला को इलाज के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के बाद देरशाम उसकी हालत में सुधार हो गया। फिलहाल मौके पर पहुंची पुलिस ने पूरा मामला जानने के बाद घटना को चोरी की धाराआंे में दर्ज कर लिया।
परिजनों को बेहोश करके की वारदात –
सरोजनीनगर के अवध विहार कालोनी स्थित बंधवा तालाब निवासी मेराज बगल की ही रूस्तम विहार कालोनी में ट्रेवल्स एजेन्सी चलाता है। गुरूवार को मेराज एजेंसी पर और उसका छोटा भाई सिराज अपने काम से चला गया, जबकि मेराज के पिता मो0 रफीक, सिराज की पत्नी अमीना खातून व सिराज का 8 वर्षीय बेटा घर में मौजूद थे। तभी दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे किसी मजार की चादर लेकर फकीर के भेष में पहुंचे तीन युवकों ने मेराज का गेट खटखटाया। आवाज सुनकर अमीना खातून बाहर निकली तो युवकों ने उनसे मजार के नाम पर चन्दा मांगा।
इस पर अमीना ने उन्हे पांच रूपये पकड़ाए, लेकिन युवक अधिक चन्दे की मांग करने लगे। बाद में अमीना ने इन तथाकथित बाबाओं को 50 रूपये दिए और घर के अन्दर चली गई। अमीना के अन्दर जाते ही उनमें से दो युवक गेट खोलकर उसके पीछे-पीछे घर में दाखिल हो गए। जबकि उनका एक साथी बाहर खड़ा रहा। बताते है कि अन्दर पहुंचे दो युवको में से एक ने अमीना के मुंह पर रूमाल लगाकर जबकि दूसरे ने कमरे में सो रहे उसके ससुर रफीक को और बाथरूम में नहा रहे सिराज के बेटे को कोई नषीला पदार्थ सुघा कर बेहोष कर दिया।
बाद में दोनो युवको ने इत्मीनान से घर के कमरो में रखे संदूक व अलमारी खगाली और उसमें मौजूद करीब 1 लाख 26 हजार रूपये की नगदी व लगभग चार लाख रूपये कीमत के जेवरात बटोर कर फरार हो गए। करीब डेढ घंटे बाद घर पहुंचे मेराज को घटना की जानकारी हुई और उसने इसकी सूचना पुलिस को दी।
विरोध पर बदमाशो ने पीटा :
मोहल्लेवासियों की माने तो अमीना को बेहोश करने के दौरान उसने जब विरोध किया तो बदमाशांे ने उसकी पिटाई भी की। जिससे उसका एक हाथ लहूलुहान होने के साथ ही वह बुरी तरह बेहोश हो गई। घटना के बाद उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दिलचस्प तो यह कि इतनी बड़ी वारदात को पुलिस ने अपने अधिकारियों से छुपाये ही नही रखा, बल्कि घटना को मामूली धारा में दर्ज कर छुट्टी पा ली। इतना ही नही पुलिस ने पीड़ित परिवार को मीडिया से दूर रहने की हिदायत भी दी। जिसकी वजह से पीड़ित परिवार के सदस्य कुछ भी बोलने से कतरा रहे है।