लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान बुजुर्ग मरीज के कोरोनावायरस पॉजिटिव आने के बाद 65 डॉक्टरों को क्वॉरेंटाइन कर दिया गया था। केजीएमयू प्रशासन ने आज ट्रामा सेंटर में मरीज के भर्ती होने के प्रकरण में चार सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है। जो कि जल्द ही अपनी जांच रिपोर्ट केजीएमयू प्रशासन को देगी। बताते चलें मेडिसिन विभाग के एक डॉक्टर पर आरोप लगा है कि उन्होंने 11 अप्रैल को एक बुजुर्ग मरीज को भर्ती कराया। मरीज के भर्ती होने के बाद कोरोना लक्षणों के आधार पर उसकी जांच कराई तो वह पॉजिटिव आने पर ट्रामा सेंटर में हड़कंप मच गया।
आनन-फानन में एमरजैंसी मेडिसिन वार्ड और कैजुअल्टी वार्ड को बंद करके सेनीटाइज किया गया। इसके साथ ही इलाज में प्रमुख तौर पर लगे 13 डॉक्टरों सहित 65 डॉ पैरामेडिकल स्टाफ व कर्मचारियों को क्वॉरेंटाइन में कर दिया गया। क्वॉरेंटाइन में जय डॉक्टरों और कर्मचारियों की आज जांच कराई गई जिसमें 20 मरीजों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है। अभी इलाज में लगे प्रमुख डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ को क्वॉरेंटाइन में रखा जाएगा। इसके साथ ही केजीएमयू प्रशासन ने मामले को तूल पकड़ता देख प्रति कुलपति डॉ जीपी सिंह के नेतृत्व में 4 सदस्य कमेटी का गठन कर दिया है। जो कि इस प्रकरण की जांच करके जांच रिपोर्ट के केजीएमयू प्रशासन को देगी।
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