लखनऊ। कोरोना मरीज को ट्रामा सेंटर के होल्डिंग एरिया से आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट करने में लापरवाही बरतने वाले प्रकरण को किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने सिर्फ एंबुलेंस चालक को नोटिस देकर जवाब मांगा है आैर ट्रामा सेंटर के सीएमएस से इस मामले में जवाब मांग लिया है।
बताते चले कि सुल्तानपुर निवासी 45 वर्षीय मरीज को केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर लाया गया था। मरीज को डायलिसिस की दिक्कत थी। पहलेट्रामा सेंटर के होल्डिंग एरिया में मरीज को भर्ती किया गया कोरोना की जांच करायी गयी। शनिवार को शुक्रवार को कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद मरीज को एंबुलेंस से आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट करने के निर्देश दे दिया था।
तीमारदारों का आरोप है कि एंबुलेंस कर्मचारियों ने मरीज को वार्ड के बाहर ही उतार दिया और आइसोलेशन वार्ड में किसी को सूचना नहीं दी। तीमारदारों का यह भी आरोप है कि आइसोलेशन वार्ड में भी मरीज को भर्ती कराने के लिए कहा था, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। करीब तन घंटे तक मरीज आइसोलेशन वार्ड के बाहर सड़क किनारे लेटा रहा। कुछ समाजन सेवकों ने मरीज की फोटो को मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से ट्वीट करते हुए शिकायत की। इसके बाद केजीएमयू प्रशासन एक्शन में आया और मरीज को भर्ती किया गया। शनिवार को केजीएमए प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया। दबाव में ट्रामा सेंटर के सीएमएस डॉ संतोष कुमार इस संबंध में जवाब मांग लिया गया है। केजीएमयू मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएन शंखवार ने बताया कि एंबुलेंस चालक को भी नोटिस दे दी गयी है। अगर संतोषजनक जवाब न मिला तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।












