लखनऊ। ठाकुरगंज क्षेत्र की फातिमा कालोनी में एक मकान में चल रहे फर्जी ब्लड बैंक में पकड़े गये मो.आरिफ ने पुलिस की पूछताछ में कई चौकाने वाले राजधानी के चर्चित निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम के अलावा डाक्टरों के नाम कबूले है। उसके अनुसार राजधानी के अलावा आस-पास जनपदों से ब्लड ग्रुप की मांग के अनुसार अापूर्ति यही से कर दी जाती थी। इन अस्पतालों में ज्यादातर निगेटिव ब्लड ग्रुप की आपूर्ति की जा रही थी। अगर पुलिस आैर स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की तो कई बड़े अस्पतालों पर कार्रवाई हो सकती है। क्योंकि इनके पास से लगभग 1600 ब्लड बैग बरामद हुए है। चौकाने वाली बात तो यह है कि यह ब्लड बैग बिना ब्लड बैंक के किसी अन्य कोे नहीं मिल सकते है।
फातिमा कालोनी के पकड़े गये फर्जी ब्लड बैंक में कई खुलासे हुए है। पकड़े गये सरगना मो. आरिफ ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वह बेरोजगारों व अन्य युवकों को रुपये का लालच देकर अपने घर पर ही बुलाकर मांग के अनुसार ब्लड निकाल लेता था। निकालने के बाद उस ब्लड को मांग के अनुसार शहर के शेखर अस्पताल, कैरियर पैथालॉजी, टेढ़ीपुलिया के मेडिसिन अस्पताल, एसएस अस्पताल, जीवन अस्पताल सहित राजधानी के कई नामचीन निजी अस्पताल है जहां पर ब्लड की आपूर्ति की जा रही थी। पूछताछ में बताया कि ज्यादातर निजी अस्पतालों से निगेटिव ब्लड ग्रुप की मांग रहती थी। उसका कहना है कि मांग के अनुसार इन अस्पतालों से फोन आ जाता था।
कुछ देर उनके अस्पताल से वह अपने आदमी से ब्लड ग्रुप की आपूर्ति कर देता था। इन ब्लड बैंग पर फर्जी ब्लड बैक के स्टीकर लगा दिये जाते थे आैर रसीद भी मुहैया करा दी जाती थी ताकि कही से भी कोई काम फर्जी न लगे। जांच में पाया गया कि उसके पास ब्लड स्टोरेज के लिए फ्रीजर भी था। बरामद माल में प्लेटलेट्स का मिलना भी बड़े निजी अस्पतालों का शामिल होने की ओर आशंका करता है, क्योंकि प्लेटलेट्स निकालने के लिए मशीन की आवश्यकता होती है।
फर्जी ब्लड बैक से बरामद माल का विवरण
1- 7 अदद बैग ब्लड ( ब्लड भरा हुआ)
2- 12 अद्द प्लेटलेट्स भरी हुई
3-12 ग्लूकोज की बोतलें
4- 1600 अदद खाली ब्लड बैग
5- भारी मात्रा में डाक्टरों की मोहरें व अस्पतालों के ब्लड बैंक के स्टीकर















