प्रदेश की पहली साइबर नाइफ रेडियोथेरेपी मशीन लगेगी कैंसर संस्थान में

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लखनऊ। कल्याण सिंह सुपर स्पेशलिटी कैंसर संस्थान में प्रदेश की पहली साइबर नाइफ रेडियोथेरेपी मशीन स्थापित होने जा रही है। यह साइबर नाइफ रेडियोथेरेपी मशीन कैंसर संस्थान में पहुंच चुकी है। इस मशीन से कैंसर की कोशिकाओं पर विकिरण से अटैक करके मरीजों को अत्याधुनिक तरीके से इलाज उपलब्ध होगा। इससे पहले यह साइबर नाइफ रेडियोथेरेपी मशीन सिर्फ अहमदाबाद के गुजरात कैंसर रिसर्च संस्थान में स्थापित है।

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कैंसर संस्थान के निदेशक डॉ. एमएलबी भट्ट ने बताया कि यह अत्याधुनिक रोबोटिक मशीन उच्च कोटि की तकनीक का प्रयोग करके कैंसर कोशिकाओं पर विकिरण का अटैक करती है। इससे वह सभी प्रकार के कैंसर, जिनमें की एसआरएसअथवा एसबीआरटी करने की आवश्यकता होती है। जैसे मस्तिष्क, स्पाइन, लंग, लिवर, अग्न्याशय और प्रोस्टेट आदि अंगों में पाए जाने वाले जटिल तथा सर्जरी न हो सकने वाले या पुनः विकसित ट्यूमर का गैर इनवेसिव और अत्यंत सटीक इलाज आसानी हो पाएगा। इसके अलावा जैसे की फेफड़ों के कैंसर का इलाज भी आसान हो सकेगा।

उन्होंने बताया कि इस सुविधा का फायदा प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे भारत और पड़ोसी देशों जैसे नेपाल, बंगलादेश, भूटान आदि के मरीजों को भी मिल सकेगा। यह मशीन कैंसर के इलाज में मददगार साबित होगी और मरीजों के जीवन को बेहतर बनाएगी। संस्थान में पहले से ही स्थापित दो उच्च तकनीक वाले लीनियर एक्सेलरेटर पर प्रतिदिन लगभग 150 मरीजों को विकिरण चिकित्सा प्रदान की जा रही है। अब इस मशीन के लगने के बाद मरीजों की संख्या बढ़ जाएगी।

कैंसर संस्थान के वित्त अधिकारी एवं संयुक्त निदेशक एमएम रजनीकांत वर्मा ने बताया कि रोबोट माउंटेड एसआरएस एवं एसबीआरटी सिस्टम अर्थात साइबरनाइफ का ई टेंडर इसी सात जनवरी को जारी हुआ था। उच्च स्तरीय क्रय समिति की स्वीकृति के बाद 30 मार्च को इसका क्रय आदेश जारी हुआ। इसके बाद में एलसी 26 जून को स्थापित हुई। अब यह मशीन संस्थान में पहुंच चुकी है। इसकी स्थापना की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे मरीजों को जल्द से जल्द इलाज मिल सके।

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