लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डा. एके सिंह के निर्देशन में डा. दिव्य नारायण और उनकी टीम ने सर्जरी करके एक मरीज के उस दाहिने हाथ को ठीक कर दिया, जो कि बीते तीन साल से पैरालाइज पड़ा था और निष्क्रीय हाथ के सही होने की उम्मीद मरीज राम नारायण और परिवारीजनों ने छोंड़ चुके थे। ट्रांसफरिंग ऑफ मसल्स, माइक्रो तकनीक सर्जरी में पैर से मांसपेशियां लेकर निर्जीव हो चुकी खून की धमनियों और नर्व के स्थान पर प्रत्यारोपित कर दिया। चिकित्सक बताते हैं कि कुछ माह में बिलकुल ठीक तरह से काम करने लगेगा।
केजीएमयू के प्लास्टिक सर्जरी की उपलब्धि –
कानपुर निवासी राम नारायण, उनकी ओपीडी में आया। उसका दाहिना हाथ व पैर ने काम नहीं करता था। जांचों से पता चला कि मरीज की बैकल पैलैक्सस डैमेज हो चुकी थी। जो कि कन्धे से हाथ की नसों में खून प्रवाह के साथ ही संवेदना का अहसास कराती हैं। इसके कारण हाथ निष्क्रिय हो गया। इसके बाद ‘फ्री फंक्शनिंग मसल्स ट्रांसफर” सर्जरी प्लान की। 28 फरवरी को बांये पैर की जंघा से गैसिलिस मसल्स को निकालकर हाथ में खराब हो चुकी मसल्स के स्थान पर और खून को धमनियों को प्रत्यारोपित किया। अगले कुछ समय तक नर्व व नस अपना स्थान स्थापित कर लेगी ओर अगले खून का संचार भी शुरू हो जायेगा।















