लखनऊ। यातायात अव्यवस्था के कारण लगने वाले जाम में फंसकर सोमवार को एक मरीज अस्पताल ही नहीं पहुंच पाया। जब तक वह अस्पताल की इमरजेंसी तक नहीं पहुंच पाता, तब उसकी रास्ते में ही मौत हो चुकी थी। परिजन मरीज को प्रतापगढ़ से अपने निजी वाहन से आने में करीब ढाई घंटे लगा, लेकिन शहर में प्रवेश करने के बाद तेलीबाग से केकेसी होते हुए यातायात में फंसकर बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी तक पहुंचने में एक घंटे से अधिक ज्यादा का वक्त लग गया। जब मरीज बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी तक पहुंचा, तो डॉक्टरों ने ब्रााडडेड घोषित कर दिया।
मरीज राम खिलावन (55) को ब्रोन हेमरेज होने पर परिजन सोमवार सुबह निजी गाड़ी से लेकर लेकर उन्हें प्रतापगढ़ से निकले। परिजनों के अनुसार राजधानी के तेलीबाग तक पहुंचने में उन्हें करीब ढाई घंटे का वक्त लगा, लेकिन वहां से बलरामपुर अस्पताल तक पहुंचने में जाम के कारण करीब सवा घंटे से ज्यादा समय लग गया।
परिजन सचिन सरोज ने बताया कि तबियत बिगड़ने पर मरीज राम खिलावन को स्थानीय अस्पताल में लेकर गये। जहां पर तेजी से बिगड़ती हालत को देखते हुए डाक्टरों ने उन्हें लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया। प्रतापगढ़ से सुबह 11 बजे के करीब निकले थे। तेलीबाग के पास वह दोपहर करीब डेढ़ बजे पहुंचे। वहां से केकेसी, चारबाग रास्ते से बर्लिंगटन चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट की सड़क से बलरामपुर अस्पताल के गेट तक जगह- जगह जाम मिलता रहा। अस्पताल की इमरजेंसी तक पहुंचने में एक घंटे से अधिक का वक्त लग गया। परिजन का कहना है कि बलरामपुर में करीब ढाई बजे दोपहर में पहुंचे।
परिजन सचिन ने रोते हुए बताया कि बलरामपुर अस्पताल पहुंचने से लगभग दस मिनट पहले तक राम खिलावन की सांसें चल रही थीं, लेकिन जब बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे, तो डॉक्टरों ने जांच कर उन्हें मृत घोषित कर दिया। उसके बाद परिजन रोते बिलखते उसी गाड़ी में मरीज का शव लेकर वापस रवाना हो गए।
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