लखनऊ। महिलाओं में स्तन कैंसर में तेजी के साथ बढ़ोत्तरी हो रही है, फिर भी इसके प्रति जागरूक नही है। समय पर अगर स्तन कैंसर के खतरे को पहचान लिया जाए , तो इस रोग का निदान किया जा सकता है। यह जानकारी शनिवार को क्लाक्र्स अवध होटल में आयोजित कार्यक्रम में सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. विभोर महेंद्रू ने दिया।
उन्होंने बताया कि जीवन शैली एवं अनुवांशिकी कारणों के कारण स्तन कैंसर के जोखिमों से दूर रखने की जरूरत है। स्तन कैंसर अब सर्वाइकल नम्बर आफ पेशेट बढ़ रहे है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्तन कैंसर के बारे में जागरूकता का अभाव और सामाजिक भय के कारण इस कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। अगर देखा जाए तो भारत में पाए गए कैंसर के नए मामला में से 10 फीसदी से ज्यादा मामले स्तन कैंसर के हैं।
अगर आंकड़े को देखा जाए तो वर्ष 2015 में स्तन कैंसर के करीब 1,55,000 नए मामले पाये गये है। उन्होंने बताया कि 40 वर्ष की उम्र के बाद मेमोग्राफी की जांच जरू करानी चाहिए। उन्होंने बताया कि 15-15 दिन पर महिलाएं खुद करती रही जांच कि कहीं गांठ तो नहीं रही है।
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