हनुमान जयन्ती की पूजा का शुभ मुहूर्त – दिन में 11:45 बजे से 12:35 अभिजीत मुहूर्त में करना श्रेष्ठ है
लखनऊ। चैत्र शुक्ल पूर्णिमा को चित्रा नक्षत्र में भगवान शिव ने अपने अंश 11वें रूद्र से माता अंजना के गर्भ से हनुमान जी के रूप में जन्म लिया ,जिसे श्री हनुमान जयन्ती के रूप में मनाते है। इस वर्ष हनुमान जयन्ती 2 अप्रैल गुरुवार को है। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का आरंभ 1 अप्रैल, प्रातः 07:06 बजे से होगा पूर्णिमा तिथि का समापन 2 अप्रैल, प्रातः 07:41 बजे पर होगा, उदयातिथि के अनुसार हनुमान जयंती 2 अप्रैल को मनाई जाएगी। मंगल ग्रह भी गोचर में 2 अप्रैल को दिन में 03:37 बजे शनि की कुम्भ राशि से निकल कर गुरु की मीन राशि में प्रवेश करेंगे जहा सूर्य शनि के साथ युति बनाएंगे।
स्वास्तिक ज्योतिष केन्द्र, अलीगंज के ज्योतिषाचार्य-एस.एस.नागपाल ने बताया कि हनुमान जी का जन्म दिन के समय हुआ था। हनुमान जी कलयुग में सर्वाधिक पूजें जाने वाले देवता है। हनुमान जी भगवन शिव के अवतार है। इनकी पूजा तत्काल फल देने वाली है इन्हें हनुमान, संकटमोचन, बजरंगबली, महावीर, पवन पुत्र, आंजनेय, केसरीनन्दन आदि नामों से पुकारा जाता है इन्हें ग्राम देवता के रूप में भी पूजा जाता है। ये शक्ति, तेज और साहस के प्रतीक है।
हनुमान भक्त इस दिन व्रत रख कर राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी का पूजन कर भजन- कीर्तन करते है। इस दिन व्रत रखकर रामचरित मानस के सुन्दर काण्ड का पाठ हनुमान चालीसा का पाठ करना बहुत लाभ दायक होता है। लाल वस्त्र, लाल चन्दन, लाल फूल, सिन्दूर चमेली के तेल का लेप, बेसन के लडडू और बूंदी से ये शीघ्र प्रसन्न होते है । हनुमान जी की पूजा से जीवन में बल, बुद्धि , साहस, संकटों पर विजय, निरोगिता, कर्ज से मुक्ति, भूमि भवन का लाभ प्राप्त होता है और मंगल ग्रह सम्बंधी दोष दूर होते है शनि, राहु केतु के दोषों के निवारण के लिए हनुमान की आराधना विशेष मानी गई है।












